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सीईओ सुरेंद्र सिंह ने पेंच कसे तो अधिकारी सडक पर उतरे

 

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ग्रेटर नोएडा शहर में स्ट्रीट लाइट जल रहीं है या नहीं, जिम्मेदार अधिकारी रोज शाम को देखेंगे


 

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के नए सीईओ सुरेंद्र सिंह पूरी तरह से एक्शन मोड में हैं। हाल में चार्ज संभालते ही नए सीईओ सुरेंद्र सिंह ने चेताया था कि यदि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भूमि पर कब्जा किए जाने की कोशिश की तो सीधे गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही होगी। नए सीईओ के इस आदेश को एक तरह से भू माफियाओं यानी की ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा कर अवैध कालौनियां बसा अथवा दूसरे कार्यो में जमीन का उपयोग करने वाले कालोनाईजरों के लिए चुनौती माना जा रहा है। इसी तरह से नए सीईओ हर रोज ग्रेटर नोएडा शहर के रखरखाव और विकास को लेकर आदेश निर्देश जारी कर रहे हैं। अब नए सीईओ सूरेंद्र सिंह ने निर्देश दिए हैं कि ग्रेटर नोएडा में लगी सभी स्ट्रीट लाइटें जल रही हैं या नहीं, इसका जायजा लेने के लिए रोज शाम को अधिकारी सड़कों पर घूमेंगे। अगर कहीं भी स्ट्रीट जलती हुई न मिली तो सीधे सीधे संबंधित अधिकारियों पर ही कार्रवाई की जाएगी। सीईओ के इस निर्देश पर डीजीएम सलिल यादव रविवार देर शाम परी चौक से अमृतपुरम, एलजी चौक, घंटाघर तिराहा, कुलेसरा आदि जगहों का निरीक्षण किया। कई जगह लाइटें बंद मिलीं। कोई भी प्रबंधक व वरिष्ठ प्रबंधक फील्ड में नहीं मिला, जिस पर डीजीएम ने इन सभी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।

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भविष्य में दोबारा ऐसी लापरवाही होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा में सभी स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में कनवर्ट करने का जिम्मा सूर्या कंपनी को दे रखा है। सूर्या कंपनी ही पुरानी सोडियम लाइटों को एलईडी में कनवर्ट कर रही है। नई स्ट्रीट लाइटें भी वही लगाएगी। उनके रखरखाव व संचालन का जिम्मा भी कंपनी पर ही है। कंपनी अब तक करीब 35 हजार एलईडी लाइटें लगा चुकी है। इस साल के अंत तक सभी स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में कनवर्ट किए जाने का लक्ष्य है। नए सीईओ के इस आदेश का असर ग्रेटर नोएडा शहर के मुख्य मार्गो पर दिखाई दे रहा है मगर ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गो की स्थिति जस की तस है। ग्रामीण क्षेत्रांं के मुख्य मार्गो और मार्गो पर स्ट्रीट लाइटें लगी हुई तो हैं मगर या तो ज्यादातर खराब पडी हुई या फिर जलाई जाती ही नही है और अंधेरा छाया रहता है। अब बात यादि ग्रेटर नोएडा शहर से यमुना सिटी की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग की करें तो गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के आस पास की सारी स्ट्रीट लाइटें नही जल रही हैं और अंधेरा छाया रहता है। कासना राजकीय आर्युविज्ञान संस्थान यानी जिम्स से लेकर ग्रेटर नोएडा- यमुना सिटी रोड तिराहे तक ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें जलती ही नही है और अंधेरा छाया रहता है। इनमें से ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब अवस्था में पडी हुई हैं। अब बात करतें हैं ग्रेटर नोएडा से निकल कर एयरपोर्ट नगरी यमुना सिटी के लिए जाने वाले मैन रोड की। यह मैन रोड गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी और एसीपी-3 जोन-3 के ऑफिस के सामने से होता हुआ मुशर्दपुर यानी यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार तक जाता है।
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इस मैन रोड पर सिर्फ चाई फाई पेट्रोल पंप तक ही स्ट्रीट जलती हुई दिखाई देती हैं बाकी कासना नाले के पुल तिराहे से लेकर गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी और एसीपी-3 जोन-3 के ऑफिस के सामने तक पूरे मैन रोड तक अंधेरा छाया रहता है। मैन रोड के ओर गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के प्रवेश द्वार न0-1,2,3 पडते हैं जब कि यूनिवर्सिटी के प्रवेश द्वार न0-4 और 5 कासना रोड की ओर पडते हैं। एसीपी-3 जोन-3 के ऑफिस से लेकरयमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार तक कुछ एलईडी लाईटें लगी हुई जो हमेश आंख मिचौली करती हुई दिखाई देती है यानी यहां पर लाइटें कभी जलती हैं और कभी बंद होती है यह क्रम लगातार चलता रहा है। मजेदार बात तो यह भी है कि यह इलाका शहर का एक वीआईपी इलाका भी है। सीएम योगी अपने पिछले कार्यकाल में ज्यादातार गौतमबुद्धनगर आए हैं। सीएम का रात्रि प्रवास भी ज्यादातर गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में ही रहा है। एक तरह से कहा जाए तो गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी पूरे उत्तर प्रदेश का मिनी सचिवालय साबित होती रही है। इन सबके बावजूद भी यह वीआईपी इलाका डार्क जोन साबित हो रहा है।