ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत अधिकारियों की संपत्ति की जांच की जाए तो इन सभी अधिकारियों पर कई गुना संपत्ति अवैध रूप में इकट्ठा मिलेगी: चौधरी प्रवीण भारतीय
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार में लिप्त  अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग को लेकर करप्शन फ्री इंडिया ने एक ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि विकास कार्यों में जो घटिया सामग्री लगाई जा रही है उसके जिम्मेदार निचले स्तर के अफसरों पर कठोर कार्रवाई की जाए। अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर यह ज्ञापन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण को सौंपा गया है। करप्शन फ्री इंडिया के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने "विजन लाइव" डिजिटल मीडिया को बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के उपरांत अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत चल रहे क्षेत्र के तमाम गांवों एवं शहरी क्षेत्र के अंदर विकास कार्यों में आए दिन घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग करने के कई तथ्य सामने आए हैं। इसके जिम्मेदार ठेकेदारों समेत संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। इसके संबंध में करप्शन फ्री इंडिया ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक नरेंद्र भूषण  को ज्ञापन सौंपकर इन पर कार्यवाही की मांग की है । चौधरी प्रवीण भारतीय ने यह भी बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना 1991 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई थी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़े देहात क्षेत्र को शहर के रूप में बसाने का कार्य किया है, लेकिन पीछे लंबे समय तक तमाम राजनीतिक दलों के इशारों पर यहां की जमीन का बंदरबांट किया गया और प्राधिकरण के अधिकारियों की मिलीभगत से यहां के विकास कार्यों में दबाकर भ्रष्टाचार किया गया है । उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत अधिकारियों की संपत्ति की जांच की जाए तो इन सभी अधिकारियों पर कई गुना संपत्ति अवैध रूप में इकट्ठा मिलेगी। पिछले कई वर्षों से सामाजिक कार्यों के दौरान अनुभव किया है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में बहुत जगह विकास कार्य चल रहे हैं लेकिन अधिकतर विकास कार्यों में प्राधिकरण के अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया किस्म की सामग्री प्रयोग कर जनता के पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है। जब कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा निर्माणाधीन साइट पर चल रहे कार्य को देखने के लिए जूनियर इंजीनियर,प्रबंधक,वरिष्ठ प्रबंधक एवं महाप्रबंधक की जिम्मेदारी है, जिनको उत्तर प्रदेश सरकार जनता के टैक्स से आए धन में से लाखों रुपए प्रति महा वेतन दिया जा रहा है, लेकिन उसके उपरांत भी उनके हिस्से के कार्य में बड़ी लापरवाही व भ्रष्टाचार हो रहा है। कई विकास कार्यों में हो रहे घटिया किस्म की सामग्री प्रयोग की शिकायत करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने की है लेकिन ठेकेदार पर ही छोटी मोटी कार्यवाही कर भ्रष्टाचार को रोकने का प्रयास किया जाता है ।  जब तक प्राधिकरण में कार्यरत और जिन अधिकारियों की शह पर यह भ्रष्टाचार हो रहा है तब तक उन पर कठोर से कठोर कार्यवाही नहीं होगी तब तक भ्रष्टाचार नहीं रुक सकता। विकास कार्यों में भ्रष्टाचार एवं अनियमितताएं में घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग न किया जाए इस पर कोई विशेष कानून बनाया जाए। इस-दौरान चौधरी प्रवीण भारतीय, पवन अंबावता, मनीष कसाना, यशपाल भाटी, नरेश कुमार गुप्ता, एससी जैन, बॉबी गुर्जर  हबीब सैफी आदि पदाधिकारी और कार्यकर्तागण मौजूद रहे।