विजन लाइव टीम /नई दिल्ली

नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम पूरे विश्व में रोशन कर दिया है । आइए आपको बताते हैं गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की क्या है? पूरी दास्तान 13 साल के जिस लड़के को शरीर का वजन कम करने के लिए जिम भेजा गया था वही, एक दिन दुनिया के बड़े खिलाड़ियों की कतार में शामिल हो जाएगा यह न उस लड़के ने सोचा था और न ही उसके परिवार ने। हालात यह थे कि उसके परिवार में किसी को यह पता ही नहीं था कि भाला फेंक भी कोई खेल है।

हम बात कर रहे हैं भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा की। जिन्होंने 2018 एशियाई खेलों में 67 साल बाद भारत को पहली बार स्वर्ण पदक दिलाया था। नीरज के चाचा भीम कहते हैं कि वह किसान परिवार से है लेकिन, जब नीरज ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता तो उनके जानने वालों ने कहना शुरू कर दिया कि ओलंपिक पदक भी दिलाएगा। आज वही खिलाड़ी टोक्यो ओलंपिक में पदक के बेहद करीब माना जा रहा है। इन दिनों नीरज अपनी तैयारी को पुख्ता बनाने के लिए विदेश में पसीना बहा रहे हैं।

नीरज के चाचा बताते हैं कि आयु की तुलना में नीरज का शरीर बहुत भारी था। इसी कारण उन्हें जिम में भेजा गया जिससे कि उनका शरीर फिट हो सके। लेकिन कुछ दिनों के बाद ही जिम बंद हो गए। तो वह स्टेडियम में वाक करने लगा। यहीं पर उनकी मुलाकात एथलीट जयवीर और मोनू से हुई तो उन्होंने नीरज को एथलीट बनाने के लिए प्रेरित किया। इन्होंने नीरज का एथलीट संबंधी अलग-अलग स्पर्धा में ट्रायल लिया। इसी समय नीरज को भाला थमाया गया। यहां पर नीरज ने बिना प्रशिक्षण के जब पहली बार लंबी दूरी तक भला फेंका जिसे वहां पर खड़े अन्य लोग भी देखकर हैरान हो गए। यहीं से तय हुआ कि नीरज अब भाला फेंक स्पर्धा में खेलेगा।


जब पहली बार 2012 में नीरज राज्य स्तरीय जूनियर चैंपियनशिप खेलने गए, तो उन्होंने वहां पर उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने एथलीट दिग्गजों को चौका दिया। प्रदेश में स्वर्ण पदक जीतने वाले बालक को जब इसी वर्ष जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भेजा गया तो स्वर्ण पदक झटक लाया। चाचा भीम कहते हैं कि उनके इस प्रदर्शन से परिवार हैरान था, क्योंकि जिस तरह से नीरज का वजन था उससे कोई नहीं कहता था वह एक दिन ऐसे पदक जीतेगा। परिवार ने नीरज को अच्छा प्रशिक्षण दिलाने के लिए उन्हें 8000 रुपये का भाला खरीदकर दिया। भाला महंगे थे लेकिन, परिवार किसान होने के कारण वह अपने बच्चे पर अधिक खर्च नहीं कर पा रहे थे लेकिन, परिवार का हर सदस्य चाहता था कि वह आगे खेले। वर्ष 2016 में जब नीरज को जूनियर विश्व चैंपियनशिप खेलने के लिए जाना था। उनकी तैयारी अच्छी थी लेकिन, पदक की आशा नहीं थी क्योंकि यूरोप देशों के खिलाडि़यों का दबदबा कायम था लेकिन, भारत के उभरते स्टार ने सबको चौका दिया और उन्होंने 86.48 मीटर दूरी पर भाला फेंकने के साथ नया विश्व रिकार्ड बनाया। वह रिकार्ड भारत के नाम आज भी है। यहीं से नीरज के खेल जीवन का बदलाव आया और उसके बाद वह आगे बढ़ता गया।अभी हाल में पटियाला में खेली गई ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता में उन्होंने अपना पुराना राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ते हुए 88.7 मीटर भाला फेंक कर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। नीरज का यही प्रदर्शन उन्हें पदक की दौड़ में शामिल करता है। रियो ओलंपिक के 90.3 मीटर पर स्वर्ण पदक विजेता जर्मन के भाला फेंक थामस रोहलर इस बार टोक्यो में नहीं खेलेंगे क्योंकि उनके पीठ में चोट लग गई है।

वही, नीरज का कहना है कि थामस के हटने या नहीं हटने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि पांच साल के अंतराल के बाद दुनिया के नए खिलाड़ी आ रहे हैं जो कड़ा मुकाबला करेंगे। नीरज ने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने पर ही पदक हाथ में आएगा। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा। लेकिन यह सब उस दिन पर निर्भर करेगा जिस दिन मुकाबले होंगे, शायद में राष्ट्रीय रिकार्ड को वहां पर तोड़ दूं या इसी को कायम रख पाऊंगा, यह सब वक्त हालात पर निर्भर करेगा। मैं पदक का दावा नहीं करता हूं लेकिन अच्छे प्रदर्शन का दावा करता हूं क्योंकि एक खिलाड़ी यही कर सकता है।

नीरज की उपलब्धियां :

वर्ष, चैंपियनशिप, दूरी, पदक

2016, जूनियर विश्व चैंपियनशिप, 86.48 मीटर, स्वर्ण

2017, सीनियर एशियन चैंपियनशिप, 85.23 मीटर, स्वर्ण

2018, कामनवेल्थ गेम, 86.47 मीटर, स्वर्ण, 2018, एशियाई खेल, 88.06 मीटर, स्वर्ण,