जेवर के पूर्व विधायक होराम सिंह और भाजपा गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष विजय भाटी ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित कर दावा किया

 


मौहम्मद इल्यास/गौतमबुद्धनगर

केंद्रीय मत्रिमडंल द्वारा अगले 5 वर्षों में 5 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति से संबंधित छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति की केंद्रीय प्रायोजित स्कीम बड़े और रूपांतरात्मक परिवर्तनों के साथ अनुमोदित की गई है ताकि वे अपने उच्चतर शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें। यह दावा  जेवर के पूर्व विधायक होराम सिंह और भाजपा गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष विजय भाटी ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित करके किया है। जेवर के पूर्व विधायक होराम सिंह और भाजपा गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष विजय भाटी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल ने 59,048 करोड़ रुपये के कुल निवेश को अनुमोदन प्रदान किया है जिसमें से केंद्र सरकार 60 प्रतिशत खर्च करेगी और शेष राशि राज्य सरकारों द्वारा खर्च की जाएगी। यह स्कीम मौजूदा प्रतिबद्ध दैयता प्रणाली को प्रतिस्थापित करेगी और इस महत्वपूर्ण स्कीम में केंद्र सरकार की भागीदारी अधिक होगी। उन्होंने कहा कि एससी जनसंख्या के शैक्षिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में एससी छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति स्कीम भारत सरकार का सर्वाधिक एकल हस्तक्षेप है। केंद्र सरकार इन प्रयासों को और अधिक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि 5 वर्ष की अवधि के भीतर जीईआर यानी उच्चतर शिक्षा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस स्कीम के उपयुक्त किर्यान्वयन पर अधिक जोर दिया है ताकि समय पर भुगतान किया जा सके और व्यापक जवाबदेही निरंतर निगरानी और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि गरीब से.गरीब परिवारों के 10वीं कक्षा उत्तीर्ण छात्रों को अपनी इच्छानुसार उच्चतर शिक्षा पाठयक्रमों में नामित करने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। अनुमान है कि 136 करोड़ ऐसे सबसे गरीब छात्र जो वर्तमान में 10 वीं कक्षा के बाद अपनी शिक्षा को जारी नहीं रख सकते हैं, को अगले पाच वर्षों में उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा। इके साथ ही यह सुदृढ सुरक्षा उपायों के साथ ऑनलाइन प्लेटफार्म पर संचालित की जाएगी जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही, कार्य क्षमता तथा बिना विलंब के समयबद्ध सहायता सुनिश्चित होगी। राज्य पात्रता, जातिगत स्थिति, आधार पहचान तथा बैंक खाता के ब्यौरे की आनलाइन पोर्टल पर अभेदय जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के अंतर्गत छात्रों को वित्तीय सहायता का आहरण डीबीटी मोड के माध्यम से और अधिमान्यता आधार सबल भुगतान प्रणाली को प्रयोग में लाकर किया जाएगा। वर्ष 2021.22 से प्रारंभ करते हुए इस एकीम में केंद्र का अंश 60 प्रतिशत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार के बैंक खातों में डीबीटी मोड़ के माध्यम में सीधे जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ किया जाएगा और सोशल ऑडिट, तीसरे पक्ष द्वारा वार्षिक मूल्यांकन कराकर और प्रत्येक संस्थान की अर्द्ध.वार्षिक स्वतः लेखा परीक्षित रिपोर्टों के माध्यम से किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी प0 कर्मवीर आर्य, जिला महामंत्री मनोज गर्ग, हिंदु युवा वाहिनी जिलाध्यक्ष चैनपाल प्रधान और अजयपाल नागर आदि पदाधिकारी और कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।