पॉल्यूशन अटैकः वायु प्रदूषण जांचने को सीपीसीबी ने 50 टीमों को उतारा

 









वायु प्रदूषण जांचने को सीपीसीबी की 50 टीमें रखेंगी दिल्ली,.एनसीआर में पैनी नजर


 

विजन लाइव/नई दिल्ली


कोरोना का असर अभी खत्म भी नही हुआ कि अब बढता प्रदूषण परेशानी का सबब बनेगा। सर्दियों के मौसम को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( सीपीसीबी ) ने दिल्ली और पूरे .एनसीआर में निरीक्षण के लिए 50 टीमों को मैदान में उतार दिया है। सीपीसीबी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी क्षेत्रों में टीमों को तैनात करने का आग्रह किया है। इस बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली में 95 प्रतिशत वायु प्रदूषण स्थानीय कारकों के कारण है। दिल्ली.एनसीआर में तैनात सीपीसीबी की 50 टीमें प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों का निरीक्षण करेंगी। शहर में 95 प्रतिशत वायु प्रदूषण धूल, निर्माण और बायोमास जलाने जैसे स्थानीय कारकों के कारण हो रहा है। ऐसा अपराध करने वाले सभी लोगों को सजा दी जाएगी। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि दिल्ली के पर्यावरण को प्रदूषित करने में पराली जलाने का केवल 4 प्रतिशत योगदान है, बाकी प्रदूषण धूल, निर्माण कार्य और बायोमास जलने जैसे स्थानीय कारकों के कारण है। सीपीसीबी की टीमें दिल्ली और आसपास के शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, झज्जर, पानीपत और सोनीपत का दौरा करेंगी। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति  के आंकड़ों के अनुसार वायुमंडल में प्रदूषकों के बढ़ने के साथ गुरुवार को राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और खराब हो गई। सभी चार जगहों आईटीओ में 366, आरके पुरम में 309, आनंद विहार में 313 और वजीरपुर में 339 एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई ) बहुत खराब श्रेणी दर्ज किया गया है।