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महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, सूरजपुर कलेक्ट्रेट बना विरोध का केंद्र


📍 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा (सूरजपुर)

पेट्रोल, डीज़ल और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर ने सोमवार को सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केवल एक औपचारिक विरोध नहीं, बल्कि आम जनता के बढ़ते आर्थिक संकट को लेकर कांग्रेस की आक्रामक राजनीतिक रणनीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

जिला मुख्यालय परिसर उस समय नारेबाजी और विरोध के स्वर से गूंज उठा, जब सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे। “महंगाई पर रोक लगाओ”, “जनविरोधी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया।

संगठित विरोध, प्रशासन सतर्क

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली तरीके से कलेक्ट्रेट का घेराव किया। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

“चुनाव के बाद बढ़ी कीमतें, सरकार की मंशा उजागर”

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान कीमतों को नियंत्रित रखकर जनता को भ्रमित किया गया, जबकि चुनाव समाप्त होते ही ईंधन और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई। इसे उन्होंने “जनता के साथ विश्वासघात” बताया।

जिला उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि महंगाई का असर अब हर वर्ग पर साफ दिखाई दे रहा है। “किसान की लागत बढ़ रही है, व्यापारी की बिक्री घट रही है और आम आदमी का घर चलाना मुश्किल हो गया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवहन महंगा होगा और इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों तक पहुंचेगा,” उन्होंने कहा।

छोटे व्यापारियों और गरीब वर्ग पर दोहरी मार

जिला उपाध्यक्ष नीरज लोहिया ने अपने संबोधन में कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से छोटे व्यापारियों, ढाबा संचालकों और रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां असंतुलित हैं, जहां बड़े उद्योगपतियों को राहत दी जा रही है, वहीं छोटे कारोबारी और आम लोग महंगाई का बोझ उठा रहे हैं।

“आम आदमी का जीवन संकट में” – धर्म सिंह जीनवाल

अनुसूचित जाति मोर्चा चेयरमैन धर्म सिंह जीनवाल ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, ईंधन और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से आम आदमी का जीवन यापन कठिन होता जा रहा है।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि चुनावी वादों और वास्तविक नीतियों में बड़ा अंतर है, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है।

कांग्रेस की स्पष्ट चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

ज्ञापन में रखी गई मुख्य मांगें

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की—

  • पेट्रोल, डीज़ल और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बढ़ी कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए
  • महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी नीतियां लागू की जाएं
  • आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए

व्यापक भागीदारी, संगठन की सक्रियता दिखी

प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
प्रमुख रूप से मुकेश शर्मा, नीरज लोहिया, रिजवान चौधरी, प्रो. अजय छोंकर, महाराज सिंह नागर, सतीश शर्मा, धर्म सिंह जीनवाल, अरुण गुर्जर, सूबेदार सतपाल सिंह, विजय नेताजी, बिन्नू भाटी, आर.के. प्रथम, रघुराज शर्मा, देवेश चौधरी, अरविंद रेक्सवाल, सचिन जीनवाल, जगदीश नागर, विपिन त्यागी, प्रभात सिंह नागर, हबीब इदरीसी, अमित कुमार, प्रिंस भाटी, मोहम्मद तकी, मेहर चंद वाल्मीकि, अजब सिंह, सुमित अत्री, सचिन भाटी, ओंकार सिंह राणा, बॉबी प्रधान, हेमंत भाटी, हवलदार वीरेंद्र, एडवोकेट संदीप, एडवोकेट रामानुज तिवारी, जतन सिन्हा, प्रियंका सिन्हा, अरुण सिंह, मोनू पंडित, रामपाल, प्रमोद शर्मा, हेतराम, प्रहलाद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

स्थानीय से राष्ट्रीय मुद्दे तक जुड़ा विरोध

यह प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राष्ट्रीय आर्थिक नीतियों और उनके प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने महंगाई को सीधे आम जनजीवन से जोड़ते हुए इसे प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में उभारा।


विजन लाइव का विश्लेषण:

सूरजपुर में कांग्रेस का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि महंगाई अब एक केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिस पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है।
खास बात यह है कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे किसान, व्यापारी, मजदूर और मध्यम वर्ग के दैनिक जीवन से जोड़कर व्यापक जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की है।
यदि महंगाई का दबाव इसी तरह बना रहता है, तो आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और विपक्ष के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकता है।

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