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महंगाई, पेपर लीक और स्मार्ट मीटर के विरोध में सपा का कलेक्ट्रेट घेराव, ग्रेटर नोएडा में गरजा विपक्ष

📍  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा में सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने महंगाई, ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी, नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर भाजपा सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी की और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

यह प्रदर्शन केवल एक विरोध कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़े आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर विपक्ष की संगठित राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, प्रशासनिक व्यवस्था रही अलर्ट

सुबह से ही सपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्रित होने लगे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता “महंगाई वापस लो”, “युवा विरोधी सरकार हाय-हाय” जैसे नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।

जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण लेकिन आक्रामक अंदाज में अपनी मांगें रखीं और सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई।

महंगाई ने तोड़ा आम आदमी का दम” – सुधीर भाटी

जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के चलते महंगाई अपने चरम पर पहुंच चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि कर सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है।

उन्होंने कहा, “पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर यह फैसला अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। सरकार आम आदमी की समस्याओं से पूरी तरह कट चुकी है।”

गैस संकट और उद्योगों पर असर

सपा के मीडिया प्रभारी विनोद लोहिया ने रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आम परिवारों को महंगे दाम चुकाने के बावजूद समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से छोटे और मझोले उद्योगों पर गंभीर असर पड़ रहा है। इससे उत्पादन लागत बढ़ रही है और कई उद्योग बंद होने की कगार पर हैं, जो भविष्य में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी को जन्म दे सकता है।

युवाओं के मुद्दे भी बने प्रदर्शन का केंद्र

प्रदर्शन में केवल महंगाई ही नहीं, बल्कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है।

नीट परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा गया कि सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में विफल रही है।

स्मार्ट मीटर पर भी उठे सवाल

उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। नेताओं का कहना था कि यह योजना आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है और इसमें पारदर्शिता की कमी है।

ज्ञापन सौंपकर रखी प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के अंत में जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रमुख मांगें रखी गईं—

पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को वापस लिया जाए

पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो

स्मार्ट मीटर योजना की समीक्षा कर इसे जनहित में संशोधित किया जाए


बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी

इस प्रदर्शन में सपा के कई वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से
फकीरचंद नागर, सुनील भाटी (जिला पंचायत सदस्य, देवटा), कृशांत भाटी, नरेंद्र नागर, परमेंद्र भाटी एडवोकेट, विक्रम सफीपुर, राहुल आवाना, सुधीर तोमर, कपिल ननका सैफी, रामशरण नागर एडवोकेट, अमन नागर, लाल सिंह गौतम, जगवीर नंबरदार, उपदेश नागर, मेहंदी हसन, अवनीश भाटी, अकबर खान, सुरेंद्र दुजाना, रोहित मत्ते गुर्जर, विक्रम टाइगर, दीपक देवटा, दीपक शर्मा, अमित रौनी, सुनील बदौली, अजय चौधरी, अनिल, दीपक नागर, राजेश दीक्षित, मोहित यादव, मनोज शर्मा, बॉबी नागर, रविंद्र यादव, हैप्पी पंडित, जुगति सिंह, सीपी सोलंकी, हरवीर प्रधान, विपिन नागर, हिमांशु मुखिया, शिमला सागर, प्रशांत भाटी, गौरव भाटी, शाहरुख चौधरी, मनोज नागर, सोहेल गुड्डा, योगेश गौतम, सुरेंद्र भाटी, आसिफ अल्वी, राशिद सिद्दीकी, महेश जाटव, मुरारी लाल गौतम, सनी प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति, जय सिंह चंदेल, रितेश गौतम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राजनीतिक संकेत: बढ़ेगा मुद्दों का तापमान

यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के मुद्दे राजनीति के केंद्र में रहने वाले हैं। सपा इन मुद्दों को लेकर मैदान में सक्रिय नजर आ रही है और जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
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विजन लाइव का विश्लेषण:
ग्रेटर नोएडा में हुआ यह प्रदर्शन केवल स्थानीय विरोध नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। सपा ने महंगाई जैसे सीधे जनसरोकार वाले मुद्दे को पेपर लीक और स्मार्ट मीटर जैसे संवेदनशील विषयों के साथ जोड़कर एक बहु-आयामी नैरेटिव तैयार किया है।
अगर यही मुद्दे आगे भी जोर पकड़ते हैं, तो यह सत्ता पक्ष के लिए चुनौती और विपक्ष के लिए अवसर बन सकता है। खासतौर पर युवाओं और मध्यम वर्ग को साधने की यह रणनीति आने वाले चुनावी परिदृश्य में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
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