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बृज मंडल विद्यालय खांबी में प्रतिभाओं का भव्य अभिनंदन, ज्ञान, संस्कार और साधना का सजीव संगम


 — मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"  / खांबी (हरियाणा)

बृज मंडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खांबी में कक्षा 12वीं (कला एवं विज्ञान संकाय) के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में आयोजित अभिनंदन समारोह एक भव्य, गरिमामय और प्रेरणादायी आयोजन के रूप में संपन्न हुआ। यह समारोह केवल विद्यार्थियों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रज्ञा, संस्कार और साधना के अद्भुत समन्वय का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। विद्यालय का सम्पूर्ण परिसर उल्लास, गौरव और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण दिखाई दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुआ, जिसके पश्चात उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का पुष्पार्चन, मिष्ठान वितरण एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और उपलब्धि की चमक स्पष्ट झलक रही थी, वहीं अभिभावकों के लिए यह क्षण गर्व और संतोष से भर देने वाला था।

विद्यालय प्रबंधन ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनके निरंतर परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। साथ ही अभिभावकों के सतत मार्गदर्शन और शिक्षकों की निष्ठापूर्ण शिक्षण-साधना ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है। प्रबंधन ने यह भी दोहराया कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, संस्कारों और समग्र व्यक्तित्व विकास को प्राथमिकता देता है और भविष्य में भी इस परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

समारोह में शिक्षकों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है, जो अज्ञानरूपी अंधकार को दूर कर विद्यार्थियों के जीवन में विवेक, संस्कार और आत्मविश्वास का प्रकाश फैलाता है। राष्ट्र निर्माण की सुदृढ़ आधारशिला रखने में गुरुजनों की भूमिका को सर्वोपरि बताया गया और उनके समर्पण की मुक्तकंठ से सराहना की गई।

इस अवसर पर जनसंचार प्रतिनिधि भगवत प्रसाद शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान युग में बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में बेटियों की उल्लेखनीय उपलब्धियां देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। यह नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है, जो समाज के सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है और उन्हें चाहिए कि वे भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और नैतिक आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक राष्ट्र के वास्तविक शिल्पकार होते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। युवाओं को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करते हुए माता-पिता, गुरुजनों और मातृभूमि का नाम रोशन करना चाहिए।

समारोह के दौरान विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संवाद और प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला। कई अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, अनुशासन और संस्कारप्रधान वातावरण की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बताया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल और यशस्वी भविष्य की मंगलकामनाएं की गईं। साथ ही उन्हें यह संदेश दिया गया कि वे शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहते हुए समाज और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

यह अभिनंदन समारोह न केवल विद्यार्थियों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी सिद्ध हुआ।


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