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तुगलपुर में श्रीमद्भागवत कथा का ऐतिहासिक समापन, भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का अनुपम संगम



✍️ मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा के तुगलपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन इस वर्ष एक भव्य और अविस्मरणीय धार्मिक आयोजन के रूप में सामने आया। छह दिवसीय इस आध्यात्मिक महायज्ञ ने न केवल गांव बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी गहरी आस्था और भक्ति का वातावरण निर्मित कर दिया। समापन दिवस पर कथा स्थल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा, जहां हर ओर “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष गूंजते रहे।

कथा व्यास आचार्य कौशिक महाराज ने अपने सारगर्भित और भावपूर्ण प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में डुबो दिया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार उनकी सरलता, निष्कपटता और दिव्य मुस्कान ने ब्रजभूमि को आनंदमय बना दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन केवल चमत्कारों की गाथा नहीं, बल्कि मानव जीवन के हर पहलू को दिशा देने वाला प्रेरणास्रोत है।

गोवर्धन पूजा प्रसंग के दौरान आचार्य कौशिक ने इंद्र के अहंकार के दमन की कथा को वर्तमान संदर्भों से जोड़ते हुए कहा कि यह प्रसंग हमें प्रकृति संरक्षण, गौसेवा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल विकल्प नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

रुक्मिणी विवाह प्रसंग कथा का विशेष आकर्षण रहा। आचार्य ने अत्यंत जीवंत शैली में वर्णन किया कि किस प्रकार रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मान लिया था और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर वैदिक रीति से विवाह किया। इस प्रसंग के दौरान पूरा पंडाल भक्ति में डूब गया, श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की और जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

समापन अवसर पर आयोजित प्रशादी भंडारा भी आयोजन की भव्यता का प्रतीक बना, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेश शर्मा, पूर्व राज्यमंत्री पंडित सुनील भराला और दादरी विधायक तेजपाल नागर सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद लिया। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

यह धार्मिक आयोजन स्वर्गीय पंडित सोहन लाल, पंडित फूल सिंह, स्व. रमेशचंद्र शर्मा एवं स्व. केंद्री देवी की पुण्य स्मृति और उनकी इच्छा के अनुरूप परिवार द्वारा संपन्न कराया गया। परिवार के सदस्यों और गांववासियों ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो सामूहिक सहयोग और सेवा भावना की उत्कृष्ट मिसाल बना।

समापन के अगले दिन आयोजित भंडारा कार्यक्रम में भी उत्साह और श्रद्धा का वही माहौल देखने को मिला। इस दौरान गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा, राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला ,भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष महेश शर्मा सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक एवं भाजपा मंडल उपाध्यक्ष सुनील पंडित तुगलपुरिया ने सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से पटका पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

कार्यक्रम में चतर सिंह शर्मा, किशन शर्मा, प्रकाश शर्मा, देवदत्त शर्मा, चंदर शर्मा, सुनील शर्मा, राजपाल शर्मा, भूषण शर्मा, भगवत प्रसाद शर्मा, मोहम्मद इल्यास दनकौरी,परमानंद मास्टर जी (गुलावली), रविंद्र नेताजी, विनोद नेताजी ,चंद्र नेताजी, राकेश पांडे, विक्की शर्मा, धीरज शर्मा ,दिनेश प्रधान ,प्रिंस शर्मा,महावीर चेची, बाबू चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। युवाओं ने व्यवस्था संभालने में सक्रिय भूमिका निभाई, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों की भागीदारी ने आयोजन को और भी गरिमामयी बना दिया।

यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण का भी सशक्त संदेश देकर गया।

तुगलपुर गांव इन दिनों भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया, जहां हर व्यक्ति इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बनकर स्वयं को धन्य महसूस कर रहा था।




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