BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

मिशन ग्रीन स्फीयर: जल संरक्षण और हरित भविष्य के लिए विद्यार्थियों की व्यापक जनजागरण पहल


📍 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा

पर्यावरण संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने और जल के महत्व को व्यवहारिक रूप से समझाने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा स्थित क्वीन कार्मेल स्कूल ने “मिशन ग्रीन स्फीयर” नामक एक व्यापक सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल सीबीएसई के “जल पखवाड़ा 2026 – एवरी ड्रॉप काउंट्स” अभियान की निरंतरता में आयोजित की गई, जिसका लक्ष्य समाज में जल संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

यह कार्यक्रम ओमैक्स कॉनॉट प्लेस मॉल, बीटा-2, ग्रेटर नोएडा के सहयोग से मॉल परिसर में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और युवाओं की सहभागिता देखने को मिली। सार्वजनिक स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम ने आमजन तक सीधे संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से जल संकट और उसके समाधान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नुक्कड़ नाटक ने जल की बर्बादी, भूजल स्तर में गिरावट और भविष्य में संभावित संकट को जीवंत रूप में दर्शाया, जिससे दर्शक भावुक भी हुए और जागरूक भी।

पेपर बैग मेकिंग गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को उजागर करते हुए पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया। वहीं अर्थ सॉन्ग के जरिए पृथ्वी के संरक्षण की भावनात्मक अपील की गई। टैटू मेकिंग और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपने विचारों को रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से व्यक्त किया, जिसमें “सेव वाटर”, “सेव अर्थ” और “गो ग्रीन” जैसे संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आए।

मॉल में मौजूद दर्शकों ने न केवल इन गतिविधियों को सराहा, बल्कि बच्चों के साथ जुड़कर उनके प्रयासों को प्रोत्साहित भी किया। ओपन स्टेज के माध्यम से विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखे, जो उनके व्यक्तित्व विकास और सामाजिक समझ को दर्शाता है।

🎤 प्रिंसिपल संध्या कुमारी ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि “आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन का आधार बन चुका है। जल ही जीवन है और इसकी एक-एक बूंद का महत्व समझना बेहद आवश्यक है। विद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें व्यवहारिक ज्ञान और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक करें। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि “यदि हम सभी मिलकर छोटे-छोटे प्रयास करें—जैसे जल की बचत, प्लास्टिक का कम उपयोग और पेड़-पौधों का संरक्षण—तो निश्चित रूप से एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।”

कार्यक्रम के दौरान कई अभिभावकों और आगंतुकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया। इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी प्रसारित किया।

कार्यक्रम की सफलता में स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों की सक्रिय भूमिका रही, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन ने इस पहल को प्रभावी और सफल बनाया।


.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }