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रोजगार, स्किल और अवसरों का नया मॉडल: Aarya Fashions–Lloyd Institute MoU से बदलेगा युवाओं का भविष्य


    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
 देश में बढ़ती बेरोजगारी और इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के बीच युवाओं को रोजगार योग्य बनाना आज सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे समय में Aarya Fashions और Lloyd Institute of Engineering and Technology, Greater Noida के बीच हुआ समझौता ज्ञापन (MoU) एक दूरदर्शी और प्रभावशाली पहल के रूप में सामने आया है, जो शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने का काम करेगा।
यह साझेदारी पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से आगे बढ़कर छात्रों को सीधे इंडस्ट्री से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी। इसके तहत छात्रों को क्लासरूम लर्निंग के साथ-साथ रियल-टाइम इंडस्ट्री अनुभव, लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे वे केवल डिग्री धारक नहीं, बल्कि पूरी तरह से “इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल” बन सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान Lloyd Institute के डीन डॉ. एस. पी. द्विवेदी और उनकी टीम की उपस्थिति में इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर दोनों संस्थानों ने इसे युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम बताया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह MoU?
आज के दौर में कंपनियां केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल, प्रैक्टिकल नॉलेज और कार्य अनुभव को प्राथमिकता देती हैं। ऐसे में यह MoU छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही उन सभी आवश्यक कौशलों से लैस करेगा, जो उन्हें जॉब मार्केट में प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।
इस पहल के तहत—
छात्रों को इंडस्ट्री विजिट और इंटरैक्शन का अवसर मिलेगा
लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव दिया जाएगा
इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के जरिए व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाया जाएगा
प्लेसमेंट सपोर्ट और करियर गाइडेंस उपलब्ध कराया जाएगा
डॉ. खुशबू सिंह का विजन: ‘जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा’
Aarya Fashions की संस्थापक एवं CEO डॉ. खुशबू सिंह ने इस साझेदारी को उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन से जोड़ते हुए कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है।
उन्होंने कहा,
“आज का युवा केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहे, बल्कि वह खुद रोजगार सृजन करने वाला बने। इसके लिए जरूरी है कि उसे सही समय पर सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले। Aarya Fashions इसी दिशा में काम कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब छात्र पढ़ाई के बाद वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश करते हैं, तब उन्हें अपने करियर की सही दिशा का अहसास होता है। इसीलिए कंपनी ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम्स चला रही है, जो युवाओं को विभिन्न करियर विकल्पों से परिचित कराते हैं और उन्हें सही निर्णय लेने में मदद करते हैं।
इंडस्ट्री-एकेडमिक तालमेल से मिलेगा ‘रियल वर्ल्ड एक्सपोजर’
इस MoU के तहत विशेष स्किल डेवलपमेंट मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे, जिनमें टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स, कम्युनिकेशन, टीम वर्क और प्रोफेशनल बिहेवियर पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
छात्रों को—
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के गेस्ट लेक्चर
वर्कशॉप्स और सेमिनार
ऑन-साइट ट्रेनिंग
और प्रोडक्शन/डिजाइन से जुड़े प्रैक्टिकल अनुभव
मिलेंगे, जिससे उनकी समझ और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी।
स्थानीय स्तर पर रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यह स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी। इससे न केवल माइग्रेशन कम होगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की दिशा में ठोस कदम
यह पहल केंद्र और राज्य सरकार के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के अनुरूप है। Aarya Fashions पहले से ही उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत युवाओं को स्किल, इंटर्नशिप और रोजगार से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
भविष्य की योजनाएं भी तैयार
दोनों संस्थानों ने भविष्य में—
जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम्स
स्टार्टअप सपोर्ट इनिशिएटिव
इनोवेशन लैब्स
और इंडस्ट्री-ड्रिवन रिसर्च प्रोजेक्ट्स
शुरू करने की भी योजना बनाई है, जिससे छात्रों को और अधिक अवसर मिल सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के Industry-Academia Collaboration आने वाले समय में शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यावहारिक, रोजगारपरक और परिणामोन्मुख बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।