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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता ‘साइलेंट किलर’: हर 10 में से 3–4 मरीज हाई बीपी के, युवाओं में 50% तक उछाल

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📍 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर 
दिल्ली-एनसीआर में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रहा, बल्कि तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। हालात इतने चिंताजनक हो चुके हैं कि अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले हर 10 में से 3 से 4 मरीज हाई बीपी या अनकंट्रोल्ड ब्लड प्रेशर से जुड़े मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले 5 से 7 वर्षों में 25 से 45 वर्ष के आयु वर्ग में हाइपरटेंशन के मामलों में 35 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
कार्डियोलॉजी और मेडिसिन ओपीडी में कुल मरीजों का लगभग 30–45% हिस्सा अब हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याओं का है। बड़े अस्पतालों में रोजाना 50 से 150 मरीज, जबकि छोटे क्लीनिक्स में 15 से 25 मरीज बीपी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि यह समस्या अब एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है।
यथार्थ हॉस्पिटल, सेक्टर-110 नोएडा के एचओडी एवं सीनियर कंसल्टेंट (कार्डियोलॉजी) डॉ. पंकज रंजन के मुताबिक, “पहले हाई ब्लड प्रेशर को 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30–45 वर्ष के युवा बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं। अधिकतर मरीज सिरदर्द, तनाव, थकान, चिंता और नींद की कमी जैसी शिकायतों के बाद जांच में हाइपरटेंशन से ग्रस्त पाए जाते हैं।”
उन्होंने बताया कि पुरुषों में 45 वर्ष से पहले धूम्रपान, शराब, तनाव और मोटापा प्रमुख जोखिम कारक हैं, जबकि महिलाओं में 35–40 वर्ष के बाद हार्मोनल बदलाव, मोटापा, डायबिटीज और मानसिक तनाव हाइपरटेंशन को बढ़ा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली इस बढ़ते खतरे की मुख्य वजह है। लंबे ऑफिस आवर्स, ट्रैफिक का दबाव, बढ़ता स्क्रीन टाइम, नींद की कमी, जंक और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन, ज्यादा नमक, धूम्रपान, वेपिंग और दिल्ली-एनसीआर का खराब वायु प्रदूषण युवाओं के दिल की सेहत पर गंभीर असर डाल रहे हैं। इसके साथ ही डायबिटीज, फैटी लिवर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी हाई बीपी के खतरे को और बढ़ा रही हैं।
डॉ. रंजन ने सलाह दी कि 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित ब्लड प्रेशर जांच को जीवनशैली का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नमक का सेवन सीमित रखें, जंक फूड से दूरी बनाएं, रोजाना कम से कम 30–45 मिनट व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित करें। धूम्रपान और वेपिंग से पूरी तरह बचाव भी जरूरी है।
📝 विजन लाइव विश्लेषण:
दिल्ली-एनसीआर में युवाओं के बीच तेजी से बढ़ता हाई ब्लड प्रेशर एक ‘साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी’ का संकेत है। यदि समय रहते लाइफस्टाइल में सुधार और नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो आने वाले वर्षों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों के मामलों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी साफ है—अब जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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