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अमिचंद इंटर कॉलेज में शिक्षा को मिला नया संबल: IEA सदस्य सनौह कंपनी ने CSR के तहत उपलब्ध कराए संसाधन, बदलेगा शिक्षण माहौल


  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल सामने आई है। इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) से जुड़े सनौह कंपनी ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत अमिचंद इंटर कॉलेज को आवश्यक आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक हस्तक्षेप का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इस पहल के अंतर्गत विद्यालय को 50 सीलिंग फैन और स्टाफ के लिए 30 कुर्सियां प्रदान की गईं, जिससे न केवल कक्षाओं का वातावरण बेहतर होगा, बल्कि शिक्षकों के कार्य करने की सुविधाएं भी मजबूत होंगी।
🔷 क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
अमिचंद इंटर कॉलेज जैसे अनेक विद्यालय लंबे समय से सीमित संसाधनों के साथ शिक्षा देने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में बिना पंखों के पढ़ाई करना छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, वहीं स्टाफ के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था न होना भी एक बड़ी समस्या रही है।
ऐसे में यह सहयोग केवल वस्तुओं का दान नहीं, बल्कि—
➡️ छात्रों के लिए बेहतर सीखने का माहौल
➡️ शिक्षकों के लिए सम्मानजनक कार्य वातावरण
➡️ विद्यालय की समग्र गुणवत्ता में सुधार
की दिशा में एक ठोस कदम है।
🔷 विद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया
विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार ने इस सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा—
👉 “विद्यालय में इन संसाधनों की अत्यधिक आवश्यकता थी। इस सहयोग से छात्रों को गर्मी में राहत मिलेगी और शिक्षकों को भी बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे शिक्षा का स्तर और मजबूत होगा।”
🔷 प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया ‘मॉडल पहल’
कार्यक्रम के दौरान UPSIDA के
एन. के. जैन (वरिष्ठ प्रबंधक, सिविल विभाग)
हरिओम सिंह (प्रबंधक)
उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि
👉 “यदि उद्योग और शिक्षा संस्थान मिलकर काम करें, तो क्षेत्र में शिक्षा का स्तर तेजी से सुधर सकता है।”
🔷 कंपनी का विजन: CSR से समाज में बदलाव
सनौह कंपनी के महाप्रबंधक पी. पी. सिंह ने विद्यालय को सामग्री भेंट करते हुए कहा—
👉 “शिक्षा में निवेश ही समाज के भविष्य में निवेश है। हमारी कोशिश है कि ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहें और जरूरतमंद संस्थानों तक सहायता पहुंचे।”
🔷 IEA का आह्वान: और उद्योग आगे आएं
IEA के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने इस पहल को एक शुरुआत बताते हुए अन्य औद्योगिक इकाइयों से भी आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा—
👉 “अगर हर उद्योग अपने आसपास के एक विद्यालय को भी गोद ले ले, तो शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव है।”
🔷 उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर उद्योग जगत के कई प्रमुख प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें—
अमित कुमार
एम. आर. मिश्रा
पवन गर्ग
एम. पी. शुक्ला
विवेक चौहान
राजेश त्रिपाठी
शामिल रहे। उनकी उपस्थिति ने इस पहल को सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी का रूप दिया।
🔷 आयोजन की गरिमा और सहभागिता
कार्यक्रम सादगीपूर्ण होने के बावजूद प्रभावशाली रहा। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया।
छात्रों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी, क्योंकि उन्हें अब बेहतर वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
🔷 आभार एवं भविष्य की उम्मीद
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार ने सभी उद्योग प्रतिनिधियों, अतिथियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
👉 “यह सहयोग हमारे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।”
🔷 “विजन लाइव” विश्लेषण: शिक्षा और उद्योग का सफल संगम
अमिचंद इंटर कॉलेज में किया गया यह CSR प्रयास एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि
➡️ शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है
IEA और सनौह कंपनी की यह पहल दिखाती है कि—
छोटे स्तर पर किया गया सहयोग भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है
आधारभूत सुविधाओं में सुधार से शिक्षा की गुणवत्ता स्वतः बढ़ती है
उद्योग जगत यदि सक्रिय हो जाए, तो सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदला जा सकता है
यह मॉडल भविष्य में अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा बन सकता है, जहां
“उद्योग, शिक्षा और समाज मिलकर विकास की नई कहानी लिखें।”