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फोर्टिस ग्रेटर नोएडा की ‘सेहत एक्सप्रेस’ पहल: अब घर-द्वार पहुंचेगी प्रीवेंटिव हेल्थ स्क्रीनिंग


    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए फोर्टिस हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा ने ‘सेहत एक्सप्रेस’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य प्रीवेंटिव हेल्थकेयर (रोगों से बचाव) को बढ़ावा देना और लोगों को उनके घर के पास ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इस मोबाइल हेल्थ सेवा को गौतम बुद्ध नगर के डीआईजी अजय कुमार (IPS) और फोर्टिस हॉस्पिटल के फेसिलिटी डायरेक्टर सिद्धार्थ निगम ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इन क्षेत्रों में पहुंचेगी सेहत एक्सप्रेस
‘सेहत एक्सप्रेस’ के माध्यम से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 145, 148, 150 तथा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के निवासियों को सीधे उनके इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह सेवा प्रत्येक शनिवार और रविवार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगी।
मेटाबोलिक हेल्थ पर विशेष फोकस
इस पहल के तहत लोगों की मेटाबोलिक हेल्थ की मुफ्त स्क्रीनिंग की जाएगी, जिसमें छह प्रमुख स्वास्थ्य मानकों का मूल्यांकन शामिल है:
बॉडी मास इंडेक्स (BMI)
वेस्ट-हिप रेशियो
मिड-आर्म सरकम्फ्रेंस
मसल स्ट्रेंथ
ब्लड प्रेशर
रैंडम ब्लड शुगर (RBS)
इन परीक्षणों के आधार पर लोगों को लो, मॉडरेट और हाई-रिस्क श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे समय रहते उचित चिकित्सा सलाह और जीवनशैली सुधार के कदम उठाए जा सकें।
मुफ्त सुविधाएं और विशेषज्ञ परामर्श
सेहत एक्सप्रेस केवल स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से लोगों को कई अतिरिक्त सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी:
मुफ्त स्वास्थ्य जांच
विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श
डायटीशियन सलाह
हेल्थ चेक-अप कूपन
विशेष कपल हेल्थ पैकेज
फोर्टिस के सीनियर कंसल्टेंट्स सीधे समुदाय के लोगों से संवाद कर उनकी स्वास्थ्य समस्याओं को समझेंगे और उन्हें व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह देंगे।
प्रशासन और विशेषज्ञों ने सराहा प्रयास
डीआईजी अजय कुमार (IPS) ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि “सेहत एक्सप्रेस” समय पर रोगों की पहचान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी।
फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉ. दिनेश कुमार (डायरेक्टर – इंटरनल मेडिसिन) ने बताया कि आज के व्यस्त जीवन में प्रीवेंटिव हेल्थकेयर और समय पर जांच बेहद जरूरी हो गई है। नियमित स्क्रीनिंग और लाइफस्टाइल में सुधार से कई गैर-संक्रामक रोगों (NCDs) को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
वहीं डॉ. प्रमिला रमणीस बैठा (डायरेक्टर – इंटरनल मेडिसिन) ने कहा कि मेटाबोलिक सिंड्रोम मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। शुरुआती स्तर पर स्क्रीनिंग और जागरूकता से इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सिद्धार्थ निगम, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा ने कहा कि यह पहल केवल एक हेल्थ कैंप नहीं, बल्कि लोगों को अपनी सेहत के प्रति जिम्मेदार और जागरूक बनाने की दिशा में एक लंबी सोच का हिस्सा है।
विजन एंगल (विश्लेषण):
‘सेहत एक्सप्रेस’ जैसे मॉडल भारत के तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का एक प्रभावी समाधान बन सकते हैं। जहां एक ओर लोग व्यस्त जीवनशैली के कारण नियमित जांच को नजरअंदाज करते हैं, वहीं दूसरी ओर यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को उनके दरवाजे तक ले जाकर इस अंतर को कम करती है।
यह पहल खासतौर पर प्रीवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देती है, जो भविष्य में इलाज के खर्च और गंभीर बीमारियों के बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
यदि इस तरह के मोबाइल हेल्थ मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया जाता है, तो यह न केवल शहरी बल्कि अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बना सकता है।