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दनकौर में सजेगा आस्था का भव्य दरबार: बाबा मोहनराम जागरण व विशाल भंडारे का आयोजन 2–3 मई को

Vision Live/ दनकौर 
गौतमबुद्धनगर के दनकौर क्षेत्र में आगामी 2 एवं 3 मई 2026 को आस्था, भक्ति और लोक-परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। खेडा देवत मंदिर, धनौरी रोड, दनकौर में द्रोण रथ फाउंडेशन एवं क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के सहयोग से भव्य श्री बाबा मोहनराम जागरण एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यहाँ “बाबा मोहनराम की धूनी” पर भक्तजन पारंपरिक रीति से लौंग, देशी घी एवं पूजन सामग्री अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट कर सकेंगे। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में एकता, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी देगा।
इस आयोजन को सफल बनाने में संयोजक ओम प्रकाश गोयल की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय है। सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय गोयल ने क्षेत्रवासियों को एक मंच पर लाकर इस आयोजन को भव्य रूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके नेतृत्व और समर्पण के चलते ही यह कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित हो रहा है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम का समय व विवरण:
भव्य जागरण: 02 मई 2026, शनिवार रात्रि 9 बजे से
विशाल भंडारा: 03 मई 2026, रविवार प्रातः 10 बजे से
इस अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। आयोजन समिति ने सभी सनातन प्रेमियों, श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से सपरिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है।
कार्यक्रम का लाइव प्रसारण “Global News 24x7” एवं “K2S Films Live” के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी इस आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ सकेंगे।
आयोजन में सहयोगी संस्थाएँ:
द्रोण रथ फाउंडेशन ट्रस्ट (पंजीकृत), दनकौर एवं क्षेत्र की समस्त जनता इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
संपर्क सूत्र:
ओम प्रकाश गोयल (संयोजक, लोक शक्ति उत्थान समिति)
मो.: 8006251800, 9412596707
विशेष एंगल (विजन):
आज के बदलते समय में ऐसे धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकजुटता को भी मजबूत करते हैं। ओम प्रकाश गोयल जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका यह दर्शाती है कि जब नेतृत्व समर्पित हो, तो स्थानीय स्तर पर भी बड़े और प्रभावी आयोजन संभव हैं। दनकौर का यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक एकता का सशक्त संदेश देगा।