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बाबू जगजीवन राम जयंती पर कांग्रेस की विचार गोष्ठी: सामाजिक न्याय और समानता के संदेश को फिर से किया गया जीवंत


   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा वेस्ट
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाज सुधारक और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की जयंती के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी, गौतमबुद्ध नगर द्वारा एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम न रहकर सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर चिंतन का मंच बनकर उभरा।
जिला कांग्रेस मुख्यालय, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बाबू जगजीवन राम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी ‘चोटीवाला’ ने कहा कि बाबू जगजीवन राम का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की एक प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने कहा कि बाबू जी ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत में दलित, वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कार्य किए।
उन्होंने आगे कहा कि बाबू जगजीवन राम केवल एक नेता नहीं, बल्कि समानता और सामाजिक न्याय की विचारधारा के प्रतीक थे। उनके प्रयासों ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीपक भाटी ने कांग्रेस की विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी है और बाबू जगजीवन राम जैसे नेताओं को नेतृत्व देकर देश को नई दिशा दी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जब समाज में असमानता और सामाजिक विभाजन की चुनौतियां सामने हैं, तब बाबू जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बाबू जगजीवन राम के आदर्शों—समानता, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता—को अपने जीवन में अपनाएं और कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वरिष्ठ नेताओं—दुष्यंत नागर, मुकेश शर्मा, महाराज सिंह नागर सहित कई वक्ताओं ने भी बाबू जगजीवन राम के जीवन, उनके संघर्षों और समाज के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि बाबू जी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि संकल्प मजबूत हो, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
गोष्ठी के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने बाबू जगजीवन राम के बताए मार्ग पर चलने और समाज में समानता व न्याय की स्थापना के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर दुष्यंत नागर, मुकेश शर्मा, हरेंद्र शर्मा, सुरेंद्र प्रताप सिंह, महाराज सिंह नागर, धर्म सिंह जीनवाल, देवेश चौधरी, एडवोकेट कपिल भाटी, आर.के. प्रथम, विजय नागर, सुबोध भट्ट, सचिन शर्मा, तनवीर अहमद, विपिन त्यागी, अरविंद रेक्सवाल, प्रिंस भाटी, प्रभात सिंह नागर, धीरा सिंह, रमेश चंद जीनवाल, जय प्रसाद, अजब सिंह, लोकेश कुमार, मनजीत सिंह, आशीष बेनीवाल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विशेष विश्लेषण (विजन एंगल):
यह आयोजन केवल एक जयंती कार्यक्रम नहीं था, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया। बाबू जगजीवन राम के विचारों को जिस तरह से वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, वह यह दर्शाता है कि आज भी उनकी सोच समाज के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है।
सामाजिक न्याय, समान अवसर और समरसता जैसे विषय आज भी भारतीय समाज के केंद्र में हैं। ऐसे में इस प्रकार की विचार गोष्ठियां न केवल ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को याद करने का माध्यम बनती हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने का भी काम करती हैं।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि बाबू जगजीवन राम के विचार केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आज भी समाज को जोड़ने और आगे बढ़ाने की शक्ति रखते