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भाकियू (बलराज) का संगठन विस्तार: जरीफ अली चेची बने जिला महासचिव, शुबुल अली चेची को छात्रसंघ जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी


  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ कैमराला चक्रसैनपुर, गौतमबुद्धनगर 
भारतीय किसान यूनियन (बलराज) ने अपने संगठनात्मक विस्तार को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को कैमराला चक्रसैनपुर स्थित राष्ट्रीय कैम्प कार्यालय पर महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने ग्राम हल्दोना तुगलपुर निवासी जरीफ अली चेची को गौतमबुद्धनगर का जिला महासचिव तथा शुबुल अली चेची को छात्रसंघ की जिलाध्यक्ष (गौतमबुद्धनगर) नियुक्त किया।
यह नियुक्तियां संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शौकत अली चेची की उपस्थिति एवं सहयोग से संपन्न हुईं। कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने नव-नियुक्त सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
अनुभव और सक्रियता को मिली पहचान
जरीफ अली चेची इससे पूर्व भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। किसानों के मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता और संघर्षशील छवि को देखते हुए संगठन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष जोगेंद्र नागर उर्फ खिज्जू पहलवान ने विश्वास जताया कि जरीफ अली चेची के अनुभव और नेतृत्व क्षमता से जिले में संगठन को नई मजबूती मिलेगी और किसानों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
युवा नेतृत्व को बढ़ावा
छात्रसंघ जिलाध्यक्ष नियुक्त की गईं शुबुल अली चेची एक तेज-तर्रार छात्रा हैं और वर्तमान में बीबीए की पढ़ाई कर रही हैं। संगठन ने उन्हें युवा नेतृत्व के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश अध्यक्ष योगेश वैष्णव ने कहा कि शुबुल अली चेची में किसानों, मजदूरों और असहाय वर्ग के लिए कार्य करने का जज्बा है। उन्होंने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी उन्हें अपनी भांजी के रूप में स्नेह देते हैं और उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह भी उल्लेखनीय है कि शुबुल अली चेची, संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शौकत अली चेची की पुत्री हैं, जिससे उन्हें संगठनात्मक कार्यों का पारिवारिक अनुभव और मजबूत आधार मिला है।
शुबुल अली चेची का आभार उद्बोधन
नव नियुक्त छात्रसंघ जिलाध्यक्ष शुबुल अली चेची ने अपने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व—विशेषकर बलराज भाटी और शौकत अली चेची—की आभारी हैं, जिन्होंने उन पर विश्वास जताते हुए इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने कहा कि “मैं इस जिम्मेदारी को केवल एक पद के रूप में नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और युवाओं की आवाज उठाने के अवसर के रूप में देखती हूं। मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्य करने का प्रयास करूंगी।”
उन्होंने आगे कहा कि युवा वर्ग को संगठन से जोड़ना उनकी प्राथमिकता होगी और शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए वह निरंतर प्रयास करेंगी।
महिला विंग का भरोसा
महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयोजक रेखा सिवाल ने कहा कि जरीफ अली चेची ने पूर्व में भी किसान हितों की आवाज बुलंद की है और उन्हें आंदोलनों का अच्छा अनुभव है। उनके संगठन से जुड़ने से जनपद में किसानों की आवाज और सशक्त होगी।
संगठन की बढ़ती पकड़
प्रदेश अध्यक्ष योगेश वैष्णव ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के प्रति किसानों और आम लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन अब तक 20 से अधिक राज्यों में अपनी पहचान बना चुका है और बड़ी संख्या में किसान सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर मजबूत होगी पकड़
इन नियुक्तियों को गौतमबुद्धनगर में संगठन के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। संगठन का मानना है कि अनुभवी नेतृत्व और युवा ऊर्जा के संयोजन से किसानों के मुद्दों को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
विजन लाइव का विश्लेषण:
भाकियू (बलराज) की यह नियुक्तियां केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा नजर आती हैं। एक ओर जरीफ अली चेची जैसे अनुभवी और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेता को जिला महासचिव बनाकर संगठन ने अपने कोर किसान आधार को मजबूत करने का प्रयास किया है, वहीं दूसरी ओर शुबुल अली चेची जैसे युवा चेहरे को आगे लाकर भविष्य की नेतृत्व क्षमता तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
यह मॉडल “अनुभव + युवा ऊर्जा” के संतुलन पर आधारित है, जो वर्तमान किसान राजनीति में प्रभावी साबित हो सकता है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्र में, जहां किसान संगठन सामाजिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वहां इस तरह की नियुक्तियां संगठन की पकड़ को और मजबूत कर सकती हैं।
साथ ही, परिवारिक पृष्ठभूमि और संगठनात्मक जुड़ाव रखने वाले चेहरों को जिम्मेदारी देना यह भी संकेत देता है कि संगठन भरोसेमंद और सक्रिय कार्यकर्ताओं पर दांव लगा रहा है। यदि यह टीम जमीनी मुद्दों पर सक्रिय रहती है, तो आने वाले समय में भाकियू (बलराज) की मौजूदगी जिले ही नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर और प्रभावी हो सकती है।