BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

“स्वास्थ्य के लिए सड़कों पर उतरी युवा शक्ति: विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ग्रेटर नोएडा में जागरूकता का जनआंदोलन”


     मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता रैली ने ग्रेटर नोएडा में एक सकारात्मक सामाजिक माहौल का निर्माण किया। यह आयोजन केवल एक रैली नहीं, बल्कि “स्वस्थ भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में युवाओं द्वारा उठाया गया प्रभावी कदम साबित हुआ।
दोपहर 2:00 बजे अंसल प्लाजा, परी चौक से जब रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, तो पूरा क्षेत्र “स्वस्थ रहो–मस्त रहो”, “स्वच्छता अपनाओ–बीमारियां भगाओ” और “मेंटल हेल्थ भी है जरूरी” जैसे नारों से गूंज उठा। रैली में शामिल लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने अनुशासन और ऊर्जा का ऐसा संयोजन प्रस्तुत किया, जिसने आमजन का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें इस मुहिम से जोड़ने का कार्य किया।
रैली की सबसे बड़ी विशेषता रही कि इसमें स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों—शारीरिक, मानसिक और सामाजिक—को एक साथ प्रस्तुत किया गया। छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर “Regular Checkup Saves Life”, “Say No to Stress”, “Healthy Lifestyle is the Best Medicine” जैसे संदेश लिखे हुए थे। यह दृश्य स्पष्ट रूप से दर्शा रहा था कि नई पीढ़ी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझती है।
नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र
परी चौक पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने इस आयोजन को एक अलग ही ऊंचाई प्रदान की। छात्रों ने अभिनय के माध्यम से यह दिखाया कि कैसे लापरवाही, गलत खान-पान और तनावपूर्ण जीवनशैली व्यक्ति को बीमारियों की ओर धकेलती है। वहीं, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच को अपनाकर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
नाटक के दौरान राहगीरों की भीड़ इकट्ठा हो गई और कई लोगों ने इसे सराहते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
स्वास्थ्य संदेशों की जीवंत झलक
रैली के दौरान छात्रों ने न केवल नारे लगाए, बल्कि लोगों को सीधे संवाद के माध्यम से भी जागरूक किया। कई स्थानों पर रुककर उन्होंने राहगीरों को स्वास्थ्य संबंधी छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जानकारियां दीं—जैसे हाथ धोने की सही विधि, संतुलित आहार का महत्व, और मानसिक तनाव से बचने के उपाय। यह इंटरएक्टिव अप्रोच इस रैली को और भी प्रभावशाली बनाती है।
कैलाश हॉस्पिटल में हुआ भव्य स्वागत
रैली जब कैलाश हॉस्पिटल पहुंची, तो वहां का माहौल उत्सव जैसा हो गया। हॉस्पिटल प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य संस्थान और शिक्षा संस्थान मिलकर समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर हॉस्पिटल के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने विचार साझा किए—
निदेशक डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि “स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है, और इस प्रकार की पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनती है।”
प्रबंधक बी.के. शर्मा ने युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि “जब युवा जागरूक होते हैं, तो पूरा समाज जागरूक होता है।”
डॉ. सुशील शर्मा ने नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ आदतों को अपनाने पर जोर दिया।
एडमिनिस्ट्रेटर राज शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गोयल ने इस आयोजन को समाज में जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
राष्ट्रगान के साथ भावपूर्ण समापन
कार्यक्रम का समापन कैलाश हॉस्पिटल परिसर में राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान सभी प्रतिभागियों के चेहरों पर संतोष और गर्व की भावना साफ झलक रही थी, मानो उन्होंने समाज के लिए एक सार्थक योगदान दिया हो।
सामाजिक प्रभाव और व्यापक संदेश
इस रैली ने यह साबित कर दिया कि जागरूकता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी से आती है। जिस तरह से आमजन ने रैली में रुचि दिखाई और छात्रों के संदेशों को सुना, वह इस बात का संकेत है कि समाज अब स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होता जा रहा है।
विजन लाइव विश्लेषण:
आज के समय में, जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां—जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन और मानसिक तनाव—तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में इस प्रकार की जमीनी पहल बेहद जरूरी हो जाती है।
कैलाश इंस्टीट्यूट की यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें युवाओं को केवल सहभागी नहीं, बल्कि “परिवर्तन के वाहक” के रूप में प्रस्तुत किया गया।
यह आयोजन एक मॉडल के रूप में देखा जा सकता है, जहां शिक्षा संस्थान, स्वास्थ्य संस्थान और समाज एक साथ मिलकर जागरूकता की मजबूत कड़ी बनाते हैं। यदि इसी प्रकार के प्रयास निरंतर जारी रहें, तो आने वाले समय में एक स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।