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“संकट में सहारा: 5 किलो LPG सिलेंडर वितरण से प्रवासी श्रमिकों को राहत, IIA की पहल बनी मिसाल”


 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न परिस्थितियों के चलते रसोई गैस की अस्थायी कमी से जूझ रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन (IIA) ग्रेटर नोएडा चैप्टर की पहल राहत की बड़ी किरण बनकर सामने आई है। एमएसएमई मंत्रालय एवं सूरजपुर इंडेन गैस सेवा के सहयोग से आयोजित 5 किलो LPG सिलेंडर वितरण अभियान ने न केवल श्रमिकों की तत्काल समस्या का समाधान किया, बल्कि उनके भीतर भरोसे की नई उम्मीद भी जगाई।
संकट की घड़ी में संवेदनशील पहल
गैस की कमी के कारण कई श्रमिक अपने कार्यस्थल छोड़कर पलायन के लिए विवश हो रहे थे। ऐसे समय में IIA की टीम ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए त्वरित निर्णय लिया और छोटे, सुविधाजनक 5 किलो LPG सिलेंडरों के वितरण की व्यवस्था की।
यह सिलेंडर खासतौर पर श्रमिक वर्ग के लिए उपयोगी हैं—हल्के, किफायती और आसानी से उपलब्ध। इस पहल ने न केवल उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा किया, बल्कि उनके काम और जीवन की निरंतरता भी बनाए रखने में मदद की।
नेतृत्व और टीमवर्क की मिसाल
इस पूरे अभियान में IIA ग्रेटर नोएडा चैप्टर के चेयरमैन सरबजीत सिंह के नेतृत्व में टीम की सक्रियता और समर्पण स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
विशेष रूप से जे.एस. राणा, अमित शर्मा, प्रदीप शर्मा, विशारद गौतम और राकेश बंसल सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने समन्वय बनाकर इस पहल को जमीनी स्तर पर सफल बनाया।
यह प्रयास केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा हुआ था—जहां हर निर्णय श्रमिकों की जरूरत को केंद्र में रखकर लिया गया।
श्रमिकों को मिला भरोसा और सुरक्षा का एहसास
इस वितरण अभियान के बाद श्रमिकों के चेहरे पर राहत साफ झलकती नजर आई।
उन्हें न केवल तत्काल गैस उपलब्ध कराई गई, बल्कि यह भरोसा भी दिलाया गया कि आगे भी गैस की सप्लाई और रिफिलिंग की सुविधा सुचारू रूप से जारी रहेगी।
IIA चेयरमैन सरबजीत सिंह ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है और उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने पूरी टीम की सराहना करते हुए सभी सहयोगियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
सामाजिक उत्तरदायित्व का मजबूत उदाहरण
यह पहल IIA ग्रेटर नोएडा चैप्टर की सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है।
आज जब औद्योगिक क्षेत्र केवल उत्पादन और लाभ तक सीमित समझा जाता है, ऐसे में यह प्रयास यह साबित करता है कि उद्योग जगत समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़ा होकर सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
विजन लाइव विश्लेषण:
यह अभियान केवल गैस सिलेंडर वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है—कि संगठित प्रयास और संवेदनशील नेतृत्व किसी भी संकट को अवसर में बदल सकता है।
यदि इस प्रकार की पहलें निरंतर जारी रहती हैं, तो प्रवासी श्रमिकों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिरता और विश्वास भी मजबूत होगा।