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शौर्य 2026’ का भव्य समापन: खेल, प्रतिस्पर्धा और टीम भावना का शानदार संगम बना जीएल बजाज


मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"  / ग्रेटर नोएडा
 जीएल बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में आयोजित अंतर-संस्थान खेल महोत्सव ‘शौर्य 2026’ का समापन उत्साह, ऊर्जा और उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ। तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि युवा ऊर्जा, अनुशासन और टीम भावना का जीवंत प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया।
समापन दिवस पर खेले गए अंतिम मुकाबलों ने प्रतियोगिता को रोमांच के चरम तक पहुंचा दिया। मैदान पर खिलाड़ियों का जोश, दर्शकों का उत्साह और जीत के लिए संघर्ष—इन सबने माहौल को पूरी तरह खेलमय बना दिया।
इस बहुप्रतीक्षित महोत्सव में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के खिलाड़ियों ने भाग लेते हुए अपनी खेल क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ खेल भावना और आपसी सम्मान की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जो इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही।
क्रिकेट (T-10) प्रतियोगिता में मेजबान जीएल बजाज की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित खेल और मजबूत रणनीति का परिचय दिया। वहीं नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की टीम ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का स्थान हासिल किया।
वहीं पुरुष वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भी जीएल बजाज की टीम ने अपना दबदबा कायम रखते हुए विजेता का खिताब जीता। टीम के समन्वय, आक्रामक खेल और सटीक रणनीति ने उन्हें प्रतियोगिता में बढ़त दिलाई। जीएलए यूनिवर्सिटी की टीम उपविजेता रही, जिसने पूरे टूर्नामेंट में कड़ी टक्कर दी।
समापन समारोह के दौरान डॉ. सपना राकेश, डायरेक्टर, जीएल बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल और पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ‘शौर्य 2026’ जैसे आयोजन छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं और उन्हें जीवन में अनुशासन, नेतृत्व और टीमवर्क जैसे महत्वपूर्ण गुण सिखाते हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो छात्रों को हर परिस्थिति में संतुलित और सकारात्मक रहने की प्रेरणा देता है।
पंकज अग्रवाल, वाइस चेयरमैन, जीएल बजाज ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस ने अपने संबोधन में कहा कि खेल हमें एकजुट करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ‘शौर्य 2026’ ने यह सिद्ध किया है कि प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग और सम्मान भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों, आयोजकों और सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं को निखारते हैं, बल्कि छात्रों को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. अमित कुमार ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
विशेष विश्लेषण (विजन एंगल):
‘शौर्य 2026’ केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा शक्ति के समग्र विकास का मंच बनकर सामने आया। जहां एक ओर खिलाड़ियों ने अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व जैसे गुणों को भी आत्मसात किया।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में ऐसे आयोजन छात्रों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘शौर्य 2026’ ने यह साबित किया कि शिक्षा संस्थान यदि खेल और सह-पाठयक्रम गतिविधियों को समान महत्व दें, तो वे न केवल बेहतर छात्र, बल्कि बेहतर नागरिक भी तैयार कर सकते हैं।
इस प्रकार ‘शौर्य 2026’ अपने पीछे जोश, जुनून और यादगार पलों की छाप छोड़ते हुए एक सफल और प्रेरणादायक आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।