BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

बाराही मेला-2026, सूरजपुर: रागनियों की गूंज, भक्ति का रंग और लोक संस्कृति का विराट उत्सव


मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ सूरजपुर ( ग्रेटर नोएडा)
गौतमबुद्धनगर जनपद के सूरजपुर में आयोजित प्राचीनकालीन एवं ऐतिहासिक बाराही मेला-2026 इन दिनों अपने चरम पर है। सदियों पुरानी आस्था, लोक परंपराओं की गहराई और आधुनिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम इस मेले को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक महाकुंभ के रूप में स्थापित कर रहा है।
बुधवार को आयोजित सांस्कृतिक संध्या इस बात का सशक्त उदाहरण बनी, जहां लोक रागनियों की मधुर गूंज, भजनों की भक्ति और नृत्य की ऊर्जा ने पूरे मेला प्रांगण को उत्सव में बदल दिया। दूर-दराज़ से आए हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि बाराही मेला केवल परंपरा नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और पहचान का अभिन्न हिस्सा है।
🎤 लोक रागनियों में इतिहास, भक्ति और समाज का समावेश
सांस्कृतिक मंच पर जयवीर भाटी और सुरेंद्र भाटी एंड पार्टी (कुलीपुरा) ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर रागनी में हरियाणवी लोकसंस्कृति की सादगी, गहराई और प्रभावशीलता स्पष्ट झलकती रही।
जयवीर भाटी द्वारा प्रस्तुत भजन—
“मां बाराही की कृपा से, पूर्ण यहां हर काम हुआ, सूरजपुर बाराही के यहां से दुनिया में सब नाम हुआ...”
ने पूरे वातावरण को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। यह भजन शिव मंदिर सेवा समिति के महासचिव ओमवीर बैसला की रचना है, जो स्थानीय आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा।
इस भजन की विशेषता केवल इसकी मधुरता ही नहीं, बल्कि इसके शब्दों में निहित स्थानीय गौरव और आस्था की गहराई है, जिसने श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।
वहीं नरेश नागर ने गोपीचंद के किस्से पर आधारित रागनी प्रस्तुत कर लोकगाथाओं की उस परंपरा को जीवंत किया, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को नैतिकता, त्याग और वैराग्य का संदेश देती आई है।
🎭 कथात्मक रागनियों ने बढ़ाया मंच का आकर्षण
अनु चौधरी और जयवीर भाटी की जोड़ी ने सत्यवान-सावित्री की कथा पर आधारित आमने-सामने की रागनी प्रस्तुत कर कार्यक्रम में नाटकीयता और जीवंतता का संचार किया।
“उतर पेड़ तले एक बार लकड़हारे…” जैसे संवादात्मक बोलों ने दर्शकों को कथा से जोड़ दिया और मंच को एक जीवंत नाट्य रूप दे दिया।
यह प्रस्तुति केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारतीय नारी के त्याग, समर्पण और दृढ़ संकल्प का सशक्त संदेश भी देती नजर आई।
💃 लोकनृत्य: रंग, ऊर्जा और उत्साह का विस्फोट
सांस्कृतिक संध्या में लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में नई जान फूंक दी। सुरेंद्र भाटी और सरिता कश्यप की प्रस्तुतियों ने जहां परंपरा की गरिमा को बनाए रखा, वहीं भावना (गाजियाबाद), डोली शर्मा (मेरठ) और अनु चौधरी (बुलंदशहर) ने आधुनिक अंदाज में लोकनृत्य प्रस्तुत कर युवा दर्शकों को भी आकर्षित किया।
रंग-बिरंगे परिधान, तेज लय और मंच पर कलाकारों की ऊर्जा ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कई स्थानों पर दर्शक भी तालियों और नृत्य के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए, जिससे मंच और दर्शकों के बीच की दूरी पूरी तरह समाप्त हो गई।
🌟 मुख्य अतिथि महेश नागर: भक्ति और प्रेरणा का संगम
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणवी भजन गायक एवं बाबा मोहन राम के भजनों के रचयिता महेश नागर (रचौती) की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
उन्होंने अपने भजनों के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके गायन में भक्ति की गहराई और लोकशैली की सादगी ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को स्पष्ट और प्रेरक संदेश दिया—
“जीवन में लक्ष्य तय करें और जब तक उसे प्राप्त न कर लें, तब तक रुकें नहीं।”
उन्होंने यह भी बताया कि वे एक सिंगर होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवाएं दे रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि अगर व्यक्ति में लगन और अनुशासन हो तो वह एक साथ कई क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकता है।
महेश नागर ने नशा मुक्ति का संदेश देते हुए युवाओं और समाज से आह्वान किया कि वे स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। उनके इस संदेश का उपस्थित जनसमूह पर गहरा प्रभाव पड़ा।
🎶 दूसरा लोक कला मंच: समानांतर सांस्कृतिक धारा
बाराही मेला-2026 की विशेषता यह भी है कि यहां एक साथ कई मंचों पर सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
दूसरे लोक कला मंच पर आरसीएफ इवेंट (हरियाणवी डांस ग्रुप) के कलाकारों ने “बरसाने गोरी”, “ड्यूटी फाक डांस”, पंजाबी डांस और “जूनियर दलजीत सॉन्ग” जैसी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
ग्रुप डायरेक्टर राजा चौधरी के अनुसार, इस मंच का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को अवसर देना और उन्हें सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना है। यह प्रयास मेले को और अधिक समावेशी और जीवंत बना रहा है।
👥 आयोजन की मजबूती: सामूहिक प्रयास का परिणाम
मेले के सफल आयोजन के पीछे शिव मंदिर सेवा समिति की संगठित और समर्पित टीम का विशेष योगदान है। अध्यक्ष धर्मपाल प्रधान, महासचिव ओमवीर बैसला, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल सहित सभी पदाधिकारी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सुरक्षा, स्वच्छता, मंच संचालन और दर्शकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे यह मेला एक सुव्यवस्थित और अनुकरणीय आयोजन के रूप में सामने आ रहा है।
🔜 आगामी कार्यक्रमों को लेकर उत्साह
मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा के अनुसार, 10 अप्रैल को कालू इंदौर एंड पार्टी द्वारा विशेष रागनी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें राधा चौधरी, छाया चौधरी, पायल चौधरी, हनुमान पोसवाल और जगत दायमा जैसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
इस आगामी आयोजन को लेकर दर्शकों में अभी से उत्साह देखा जा रहा है।
📊 विजन लाइव का विश्लेषण
बाराही मेला-2026 ने इस वर्ष यह सिद्ध कर दिया है कि पारंपरिक आयोजन भी समय के साथ विकसित होकर व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक मंच बन सकते हैं।
विजन लाइव के विश्लेषण के अनुसार, यह मेला तीन प्रमुख आयामों—आस्था, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता—का संतुलित संगम प्रस्तुत करता है। रागनियों और लोकगाथाओं के माध्यम से जहां सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा रहा है, वहीं नशा मुक्ति, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा जैसे विषयों पर संदेश देकर समाज को सकारात्मक दिशा दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त, स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर यह आयोजन न केवल उनकी प्रतिभा को निखार रहा है, बल्कि क्षेत्रीय पहचान को भी मजबूत कर रहा है। मेले के माध्यम से स्थानीय व्यापार, रोजगार और सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिल रहा है, जो इसे एक समग्र विकास मॉडल के रूप में स्थापित करता है।
विजन लाइव का मानना है कि यदि इसी प्रकार व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक गुणवत्ता को बनाए रखा गया, तो बाराही मेला आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन के रूप में अपनी पहचान बना सकता है—जहां परंपरा और आधुनिकता का संतुलन समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगा।