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AI से बदलेगा भारत का भविष्य, ग्रेटर नोएडा बना ‘AI-Ready वर्कफोर्स’ की प्रयोगशाला

🟦 स्पेशल न्यूज़ स्टोरी
AI से बदलेगा भारत का भविष्य, ग्रेटर नोएडा बना ‘AI-Ready वर्कफोर्स’ की प्रयोगशाला
   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
जहां एक ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नौकरियों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर रहा है, वहीं आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा ने इन आशंकाओं को अवसर में बदलने की ठोस पहल की है। “INDIA AI IMPACT | प्री-समिट 2026” का सफल आयोजन इस बात का संकेत है कि अब शिक्षा संस्थान केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि AI-Ready मानव संसाधन तैयार करने की अग्रिम पंक्ति में होंगे।
यह कार्यक्रम केवल एक सेमिनार नहीं, बल्कि India AI Impact Summit 2026 की राष्ट्रीय तैयारियों का रणनीतिक पड़ाव रहा, जिसने ग्रेटर नोएडा को उभरते हुए AI और स्टार्टअप इकोसिस्टम के केंद्र के रूप में स्थापित किया।
🎯 शिक्षा से रोजगार तक: AI-Ready वर्कफोर्स पर फोकस
कार्यक्रम की थीम “मानव पूंजी संवर्धन: एआई-रेडी वर्कफोर्स के लिए” ने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में डिग्री से ज्यादा स्किल, अनुकूलन क्षमता और AI की समझ निर्णायक होगी।
200 से अधिक प्रतिभागियों—संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप फाउंडर्स और छात्रों—की मौजूदगी ने इस बदलाव की गंभीरता को रेखांकित किया।
🧠 नीति, उद्योग और शिक्षा एक मंच पर
संस्थान के निदेशक डॉ. मयंक गर्ग के नेतृत्व में आयोजित इस प्री-समिट में नीति-निर्माण, उद्योग और शिक्षा का संगम देखने को मिला।
विशेषज्ञ वक्ताओं में शामिल रहे—
डॉ. दिपन साहू, असिस्टेंट इनोवेशन डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय का इनोवेशन सेल
विवेक गुप्ता, सीईओ एवं संस्थापक, इंडस-एआई प्राइवेट लिमिटेड
रजत जैन, Azure डेटा इंजीनियर, Tredence Inc.
पैनल चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि AI केवल टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि मानव क्षमताओं को बढ़ाने वाला टूल है, बशर्ते उसे शिक्षा और शोध से सही ढंग से जोड़ा जाए।
🚀 स्टार्टअप और इनोवेशन को मिला व्यावहारिक आधार
कार्यक्रम का सबसे प्रभावी पक्ष रहा हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सेशन, जहां प्रतिभागियों ने Generative AI और Agentic AI Tools का प्रत्यक्ष उपयोग सीखा।
यह सत्र खासतौर पर उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण रहा, जो स्टार्टअप, रिसर्च और इंडस्ट्री-4.0 में भविष्य देख रहे हैं।
🏅 AICTE प्रमाणपत्र और संस्थागत प्रतिबद्धता
प्रतिभागियों को AICTE ई-प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जिससे कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक मान्यता मिली।
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब संस्थान केवल शिक्षा नहीं, बल्कि रोजगार-उन्मुख और नवाचार-आधारित इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं।
🔍 "विजन लाइव" का विश्लेषण
INDIA AI IMPACT | प्री-समिट 2026 ने यह संदेश दिया कि
👉 AI का भविष्य डर नहीं, दिशा चाहता है,
👉 और यह दिशा शिक्षा संस्थानों से ही निकलेगी।
आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, NFED और E-CELL-ITSEC की यह पहल ग्रेटर नोएडा को आने वाले वर्षों में AI-Driven भारत के टैलेंट इंजन के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव रखती है।