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EXCLUSIVE: ग्रेटर नोएडा में नालों के पुल बने ‘हॉट स्पॉट’, प्राधिकरण ने शुरू किया ज़ीरो एक्सीडेंट एक्शन प्लान


   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर अब हादसों को किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों के बाद प्राधिकरण ने शहर के नालों पर बने पुलों को हाई रिस्क ज़ोन घोषित करते हुए विशेष सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के अचानक निरीक्षण से साफ हो गया है कि अब सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
मंगलवार को प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह और एसीईओ प्रेरणा सिंह ने सेक्टर गामा-1, पी-3, पाई-1, स्वर्णनगरी, सिटी सेंटर और शगुन मार्ट जैसे व्यस्त इलाकों में नालों पर बने पुलों का ग्राउंड इंस्पेक्शन किया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर कमजोर रेलिंग, टूटे स्लैप और रात में बेहद कम विजिबिलिटी सामने आई, जिसके बाद तुरंत सुधार के निर्देश जारी किए गए।
क्यों नालों के पुल बन रहे थे हादसों की वजह?
प्राधिकरण की आंतरिक समीक्षा में सामने आया है कि
अधिकांश पुलों पर रिफ्लेक्टर और कैट्स आई नहीं थे
स्लैप टूटे होने से दोपहिया वाहन फिसल रहे थे
रेलिंग कमजोर होने से वाहन सीधे नाले में गिरने का खतरा था
कई जगहों पर बिल्डर प्रोजेक्ट्स के कारण सड़क संकरी हो गई थी
इसी वजह से इन पुलों को अब टॉप प्रायोरिटी लिस्ट में रखा गया है।
सीईओ के निर्देश पर मैदान में उतरी पूरी मशीनरी
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सोमवार से ही परियोजना विभाग की आठों वर्क सर्किल टीमें फील्ड में उतार दी गई हैं। एक ही दिन में 48 दुर्घटना संभावित स्थान चिन्हित कर वहां सुधार कार्य शुरू हो गया है। डीएससी रोड, सूरजपुर, केंद्रीय विहार जैसे इलाकों में कर्व, स्लैप, मिट्टी भराव और रेलिंग सुदृढ़ीकरण का काम तेज़ी से चल रहा है।
EXCLUSIVE: आम नागरिक भी अब बनेंगे ‘सेफ्टी मॉनिटर
पहली बार प्राधिकरण ने आम लोगों को सीधे सुरक्षा अभियान से जोड़ा है। नागरिक अपने क्षेत्र की दुर्घटना संभावित जगहों की जानकारी सीधे वर्क सर्किल प्रभारियों को दे सकते हैं, जिस पर 24–48 घंटे में एक्शन लेने का दावा किया गया है। इसके लिए एरिया वाइज मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं।
ग्रेटर नोएडा का नया मॉडल: हादसे के बाद नहीं, पहले रोकथाम
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान किसी एक दिन का नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म रोड सेफ्टी प्लान का हिस्सा है। आने वाले समय में सभी सेक्टरों की सड़कों, पुलों और नालों का सेफ्टी ऑडिट कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में सड़क सुरक्षा अब फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखाई देने लगी है — और यही इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत है।