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फूलों की होली के साथ भाईचारे का संदेश, जाट समाज का भव्य होली मिलन बना सामाजिक एकता का उत्सव

स्पेशल स्टोरी | स्पेशल एंगल
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि मन के भेद मिटाने और समाज को एक सूत्र में पिरोने का पर्व: आर.बी. सिंह
   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
जाट समाज ग्रेटर नोएडा द्वारा इस वर्ष होली मिलन समारोह का आयोजन वाईएमसीए परिसर में अत्यंत भव्य, अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। फागुन की मस्ती, फूलों की खुशबू और पारंपरिक लोकगीतों की गूंज के बीच पूरा परिसर रंगों से नहीं, बल्कि रिश्तों की गर्मजोशी से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों लोगों ने परिवार सहित भाग लेकर इसे एक सामूहिक सांस्कृतिक उत्सव का रूप दे दिया।
समाज के अध्यक्ष आर.बी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि मन के भेद मिटाने और समाज को एक सूत्र में पिरोने का पर्व है। उन्होंने बताया कि जाट समाज पिछले कई वर्षों से होली मिलन का आयोजन करता आ रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में आपसी समन्वय, सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना है। इस वर्ष फूलों की होली खेलकर पर्यावरण संरक्षण और शालीन उत्सव का संदेश भी दिया गया।
मुख्य अतिथियों ने की एकता की सराहना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री के.पी. मलिक रहे। उन्होंने कहा कि समाज जब संगठित होकर अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाता है तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला और फूलों की होली को सकारात्मक पहल बताया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक प्रदीप चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी और सुधीर चौधरी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मंच से समाज की एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक समृद्धि की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक सौहार्द को मजबूत करते हैं और विभिन्न वर्गों के लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक लोकगीतों, समूह नृत्य और होली गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने जहां मासूमियत और उत्साह का परिचय दिया, वहीं महिलाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारतीय परंपरा और संस्कारों की झलक प्रस्तुत की।
बाहर से आए प्रसिद्ध कलाकार रोनी रमन और नरदेव बेनीवाल ने ब्रज के प्रसिद्ध होली रसिया प्रस्तुत कर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुति के दौरान उपस्थित लोग झूम उठे और पूरा पंडाल तालियों और उत्साह से गूंज उठा।
फूलों की होली: सौहार्द और शालीनता का प्रतीक
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब सभी ने एक-दूसरे पर गुलाब और गेंदा के फूल बरसाकर होली खेली। बिना केमिकल रंगों के, केवल फूलों से खेली गई होली ने सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बुजुर्गों का सम्मान, युवाओं का उत्साह और बच्चों की खिलखिलाहट ने इस दृश्य को भावनात्मक बना दिया।
संगठन की मजबूत कार्यशैली
कार्यक्रम का सफल संचालन गजेन्द्र सिंह ने प्रभावशाली अंदाज में किया। आयोजन की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं। पार्किंग, सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और अतिथियों के स्वागत में अनुशासन स्पष्ट दिखाई दिया।
इस आयोजन को सफल बनाने में जयपाल पूनिया, सूरजपाल सिंह, अनिल चौधरी, कुशलपाल अत्री, राजीव अत्री, जगदीश पाल सिंह, विश्वजीत चौधरी, अजीत पूनिया, वीरेन्द्र पूनिया, जुगेन्दर तालान, विनोद प्रधान, योगेन्द्र सिंह सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
🔎 स्पेशल एंगल: सामाजिक शक्ति प्रदर्शन से आगे, सांस्कृतिक चेतना का संदेश
यह होली मिलन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि जाट समाज की संगठित शक्ति, सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और सामाजिक नेतृत्व का प्रदर्शन भी रहा। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को व्यापक पहचान दी, वहीं फूलों की होली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इसे शालीन और प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान किया।
आज जब समाज में आपसी संवाद और सामंजस्य की आवश्यकता पहले से अधिक है, ऐसे आयोजन समुदायों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। ग्रेटर नोएडा का यह होली मिलन समारोह आने वाले वर्षों के लिए एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरा है — जहां परंपरा, पर्यावरण और सामाजिक एकता एक साथ दिखाई दी।