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EXCLUSIVE: इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद हिली सरकार, नोएडा कांड पर सीएम योगी सख्त — SIT जांच में बड़े अफसरों की उलटी गिनती शुरू


मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/गौतमबुद्धनगर 
नोएडा में तैनात इंजीनियर युवराज मेहता की संदिग्ध मौत ने शासन-प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला अब केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही और अफसरशाही की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बन चुका है। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उठे जनाक्रोश और दबाव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले का सख्त संज्ञान लेते हुए 3 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री इस घटना को बेहद गंभीर मान रहे हैं और उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मौत से जुड़े हर पहलू, हर दबाव और हर जिम्मेदार अफसर की भूमिका की जांच होगी।
ADG मेरठ के नेतृत्व में SIT, 5 दिन की सख्त डेडलाइन
सीएम योगी के निर्देश पर गठित SIT का नेतृत्व ADG जोन मेरठ कर रहे हैं। टीम में
➡ मंडलायुक्त मेरठ
➡ PWD के मुख्य अभियंता
को भी शामिल किया गया है।
SIT को आदेश दिया गया है कि वह 5 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को सौंपे।
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत बनी टर्निंग पॉइंट
सूत्रों का कहना है कि इंजीनियर युवराज मेहता की मौत इस पूरे मामले में टर्निंग पॉइंट साबित हुई। अगर यह घटना न होती, तो मामला शायद फाइलों में ही दबा रह जाता।
अब SIT इस एंगल पर भी गहराई से जांच कर रही है कि:
क्या युवराज मेहता पर किसी तरह का प्रशासनिक या बाहरी दबाव बनाया गया था?
क्या उनसे नियमों के खिलाफ काम कराने की कोशिश हुई?
क्या मानसिक उत्पीड़न या लगातार दबाव उनकी मौत की वजह बना?
किन अफसरों ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया?
बड़े अफसरों की भूमिका रडार पर
इस हाई-प्रोफाइल जांच में गौतमबुद्ध नगर के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी अफसर सीधे रडार पर आ गए हैं।
फाइल पास कराने से लेकर साइट निरीक्षण और अंतिम स्वीकृति तक की पूरी चेन की जांच की जा रही है।
सीएम योगी का संदेश साफ: जीरो टॉलरेंस
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि
“अगर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के लिए सिस्टम जिम्मेदार है, तो कोई भी अफसर बच नहीं पाएगा।”
इसी वजह से SIT को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और रिपोर्ट सीधे सीएम को दी जाएगी।
जिले में हड़कंप, फाइलें खंगाली जा रहीं
SIT के गठन के बाद से नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों में हड़कंप मचा हुआ है।
पुरानी फाइलें निकलवाई जा रही हैं, रिकॉर्ड मिलान हो रहा है और कई अफसरों ने अंदरखाने जवाब तैयार करने शुरू कर दिए हैं।
रिपोर्ट तय करेगी बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार,
👉 SIT रिपोर्ट के आधार पर निलंबन, विभागीय कार्रवाई, एफआईआर और आपराधिक मुकदमे तक की कार्रवाई संभव है।
यह रिपोर्ट तय करेगी कि इंजीनियर युवराज मेहता की मौत एक व्यक्तिगत घटना थी या सिस्टम की लापरवाही का नतीजा।
अब यह मामला सिर्फ जांच नहीं, बल्कि इंसाफ की परीक्षा बन चुका है।