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संघर्ष रंग लाया: तिलपता करनवास के विकास कार्यों को मिली रफ्तार, सुखबीर सिंह आर्य की पहल से खुली समाधान की राह


   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के ऐतिहासिक और प्रमुख गांव तिलपता करनवास में लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में अब सकारात्मक पहल दिखाई देने लगी है। गांव के प्रमुख समाजसेवी सुखबीर सिंह आर्य के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई आवाज़ और प्रशासन तक पहुंचाए गए मुद्दों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। वर्षों से लंबित कई समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है।
समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में सुखबीर सिंह आर्य की निर्णायक पहल
कुछ महीने पहले गांव की विभिन्न समस्याओं को लेकर ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र सौंपा था। इस ज्ञापन में गांव की प्रमुख समस्याओं—जल निकासी, नहर की सफाई, सड़क सुरक्षा, जाम की समस्या, पेयजल व्यवस्था और जोहड़ (सरोवर) के सौंदर्यीकरण—जैसे मुद्दों को विस्तार से रखा गया था।
सुखबीर सिंह आर्य ने इन समस्याओं को केवल पत्र के माध्यम से ही नहीं बल्कि सार्वजनिक मंचों पर भी उठाया। ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, जिसके बाद प्राधिकरण के अधिकारी गांव पहुंचे और समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ठेकेदार पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को वह नाली दिखाई जिसमें लंबे समय से पानी का बहाव अवरुद्ध था और ठेकेदार द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने की कार्रवाई की और जल निकासी व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए।
शयोराजपुर से गांव तक नहर की सफाई के लिए टेंडर जारी
सुखबीर सिंह आर्य ने बताया कि ज्ञापन में उठाई गई समस्याओं में से कई पर अब प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही शुरू हो गई है। उन्होंने जानकारी दी कि शयोराजपुर से लेकर गांव के बाहर तक नहर की सफाई के लिए टेंडर जारी हो चुका है, जिससे बरसात के समय जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
दादरी–नोएडा रोड पर जाम से राहत के लिए डिवाइडर निर्माण शुरू
गांव से होकर गुजरने वाले दादरी-नोएडा मुख्य मार्ग पर लगातार लगने वाले जाम और बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए डिवाइडर बनाने की मांग भी लंबे समय से उठाई जा रही थी। अब डेंसो तिलपता चौक से लेकर दादरी रेलवे स्टेशन तक डिवाइडर निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है।
यह मार्ग औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। डिवाइडर बनने से यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी।
टर्निंग पॉइंट बनने से जाम की समस्या होगी कम
सुखबीर सिंह आर्य ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर लाइन गार्डन और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाली लंबी कतारों के कारण यातायात प्रभावित हो जाता था। अब डिवाइडर के साथ-साथ उचित टर्निंग पॉइंट भी बनाए जाएंगे, जिससे वाहन व्यवस्थित ढंग से आ-जा सकेंगे और जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
जोहड़ के सौंदर्यीकरण और सफाई की योजना भी शुरू
गांव के बीच स्थित जोहड़ (सरोवर) की सफाई और सौंदर्यीकरण का मुद्दा भी प्रशासन के सामने उठाया गया था। यह जोहड़ न केवल जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि गांव की सांस्कृतिक पहचान भी है। अब इसके सौंदर्यीकरण और साफ-सफाई की योजना प्रारंभिक चरण में पहुंच चुकी है।
पीडब्ल्यूडी मानकों के अनुसार होगा निर्माण, खंभे भी हटेंगे
सुखबीर सिंह आर्य ने बताया कि सड़क और नाली निर्माण का कार्य पीडब्ल्यूडी की तकनीकी नाप और मानकों के अनुसार किया जाएगा। निर्माण के दौरान एचपीसीएल के बिजली के खंभों को भी हटाया जाएगा, ताकि सड़क को उचित चौड़ाई के साथ विकसित किया जा सके और भविष्य में किसी प्रकार की बाधा न रहे।
विकास कार्यों में सहयोग की अपील
सुखबीर सिंह आर्य ने कहा कि गांव के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों में सभी को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही इन मुद्दों को उठाया गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक रुकावट डालना गांव के हित में नहीं है। यदि सभी लोग मिलकर सहयोग करेंगे तो तिलपता करनवास का विकास और तेज गति से आगे बढ़ सकेगा।
विजन लाइव का विश्लेषण
तिलपता करनवास में शुरू हुए विकास कार्य यह संकेत देते हैं कि यदि स्थानीय स्तर पर जागरूक नागरिक और समाजसेवी संगठित होकर प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखते हैं तो समाधान की राह निकल सकती है। सुखबीर सिंह आर्य और ग्रामीणों के प्रयासों से यह स्पष्ट हुआ है कि जनभागीदारी और निरंतर संवाद किसी भी क्षेत्र के विकास की सबसे बड़ी ताकत होती है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वीकृत परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी होती हैं या नहीं और क्या गांव की अन्य लंबित समस्याओं का समाधान भी इसी तरह आगे बढ़ पाता है।