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मकर संक्रांति पर उद्योग–समाज–प्रशासन की त्रिवेणी, खिचड़ी सहभोज बना औद्योगिक एकजुटता का प्रतीक

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ग्रेटर नोएडा के इकोटेक–3 स्थित उद्योग केंद्र–2 में आयोजित खिचड़ी सहभोज केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह उद्योग, समाज और प्रशासन के बीच मजबूत साझेदारी का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) एवं JK Industries के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि औद्योगिक विकास तभी टिकाऊ होता है जब उसमें सामाजिक समरसता और प्रशासनिक सहयोग की समान भागीदारी हो।
कार्यक्रम का सबसे सशक्त पक्ष यह रहा कि मंच पर केवल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि श्रम विभाग, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और मीडिया की समान उपस्थिति दिखी। दीप प्रज्वलन के साथ ही आयोजन ने यह संकेत दे दिया कि यह पहल सिर्फ परंपरा निभाने की नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास के संचार की है।
खिचड़ी बनी औद्योगिक भारत का प्रतीक
IBA अध्यक्ष अमित उपाध्याय का संदेश इस आयोजन की आत्मा साबित हुआ। उन्होंने खिचड़ी को औद्योगिक राष्ट्र निर्माण का प्रतीक बताते हुए कहा कि जैसे अलग–अलग अनाज मिलकर एक पौष्टिक व्यंजन बनाते हैं, वैसे ही उद्योग, श्रमिक, प्रशासन और समाज मिलकर मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव रखते हैं। यह विचार केवल भाषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आयोजन की संरचना में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
उद्योग सिर्फ व्यापार नहीं, सामाजिक दायित्व भी
मुख्य आयोजक एवं IBA के वाइस प्रेसिडेंट नरेश कुमार चौहान ने उद्योग की भूमिका को व्यापक दृष्टि से परिभाषित किया। उन्होंने साफ कहा कि उद्योग उत्पादन का केंद्र होने के साथ–साथ रोजगार, सामाजिक स्थिरता और राष्ट्र के आर्थिक विकास का आधार स्तंभ भी है। उनका यह वक्तव्य वर्तमान औद्योगिक परिदृश्य में सामाजिक उत्तरदायित्व की बढ़ती जरूरत को रेखांकित करता है।
प्रशासनिक सहयोग का भरोसा
उपश्रम आयुक्त राकेश तिवारी द्विवेदी का वक्तव्य इस आयोजन को और भी मजबूत आधार देता नजर आया। उन्होंने उद्योग और प्रशासन के बीच संवाद व सहयोग को औद्योगिक शांति और श्रमिक कल्याण की कुंजी बताया। यह संकेत था कि प्रशासन उद्योग के साथ केवल नियामक के रूप में नहीं, बल्कि साझेदार की भूमिका में खड़ा है।
संस्कृति के माध्यम से विश्वास निर्माण
वरिष्ठ उद्यमी पी.के. अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति की सामूहिकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उद्योगों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाते हैं। खिचड़ी सहभोज ने औपचारिक मंच से आगे बढ़कर अनौपचारिक संवाद का अवसर दिया, जहां उद्यमी, अधिकारी और समाज एक ही पंक्ति में बैठे नजर आए।
सम्मान और संकल्प का संगम
आयोजन के अंत में IBA एवं JK Industries द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ व शाल देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उद्योग–समाज–प्रशासन की साझी प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में औद्योगिक विकास, सामाजिक समरसता और सहयोग को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
"विजन लाइव" का विश्लेषण:-- यह खिचड़ी सहभोज मकर संक्रांति का उत्सव भर नहीं रहा, बल्कि ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक स्पष्ट संदेश छोड़ गया—
👉 जब उद्योग, समाज और प्रशासन एक साथ बैठते हैं, तब विकास केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि साझा यात्रा बन जाता है।