BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

भट्टा–पारसौल की पीड़ा से संवाद के विकास तक: जेवर में किसानों के साथ भरोसे की नई राजनीति

     मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ जेवर 
“भट्टा–पारसौल जैसे अन्याय अब इतिहास हैं, आज विकास की बुनियाद सहमति और संवाद पर रखी जा रही है”—
यह संदेश जेवर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुतैना और ग्राम नवादा में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम के दौरान जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में दिया।
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि जिन किसानों की भूमि पर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, उनका सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि बिना किसान के विश्वास के कोई भी विकास टिकाऊ नहीं हो सकता।
भट्टा–पारसौल का जिक्र: अतीत की गलतियों से सीख
किसानों से संवाद करते हुए विधायक धीरेन्द्र सिंह ने भट्टा–पारसौल जैसी घटनाओं का उल्लेख किया और कहा कि
“यह घटनाएं आज भी इस बात की गवाही देती हैं कि तत्कालीन सरकारों के समय किसानों की ज़मीनें जबरन छीनी गईं और उनकी आवाज़ को दबाया गया। विकास के नाम पर किसानों के साथ अन्याय हुआ।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार उस मानसिकता से पूरी तरह अलग है।
योगी सरकार में बदला नजरिया: सहमति से विकास
विधायक ने कहा कि
“आज प्रदेश में परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार किसानों को सम्मान देती है, उनसे संवाद करती है और उनकी सहमति के आधार पर ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री स्वयं किसानों को अपने आवास पर बुलाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं और समाधान निकालते हैं, जो किसान–सरकार संवाद का नया उदाहरण है।
टकराव नहीं, विश्वास से बनेगा भविष्य
जेवर विधायक ने दो टूक कहा कि अब प्रदेश में विकास का रास्ता
टकराव नहीं, बल्कि विश्वास, संवाद और पारदर्शिता से होकर गुजर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसान विकास का पीड़ित नहीं, सहभागी बने।
किसानों ने रखी समस्याएं, मिले आश्वासन
ग्राम मुतैना में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और विकास कार्यों को लेकर खुलकर अपने सुझाव रखे। विधायक धीरेन्द्र सिंह ने सभी किसानों को भरोसा दिलाया कि
किसान हितों से कोई समझौता नहीं होगा और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
इसके बाद ग्राम नवादा में संवाद के दौरान किसानों ने भूमि मुआवजा, पुनर्वास और जनपद की तीनों प्राधिकरणों में मुआवजा दरों की असमानता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि
“किसानों की समस्याओं से सरकार और शासन को अवगत कराया जा रहा है। शीघ्र ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।”
"विजन लाइव" का विश्लेषण
जेवर विधानसभा में यह किसान संवाद कार्यक्रम केवल एक बैठक नहीं, बल्कि किसान–सरकार के बीच भरोसे की नई इबारत साबित हुआ। जहां अतीत में भूमि अधिग्रहण संघर्ष का कारण था, वहीं आज संवाद, सहमति और सम्मान के साथ विकास को आगे बढ़ाने का संदेश साफ तौर पर दिया गया।