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ग्रामीण हक की लड़ाई: दुजाना से उठा मनरेगा बचाओ संग्राम का जनआंदोलन

 📍जब ग्राम चौपाल बनी मजदूरों की आवाज़ का मंच
 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ दुजाना (दादरी विधानसभा क्षेत्र), गौतमबुद्धनगर
मनरेगा अब सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गांव के गरीब, मजदूर और किसान के सम्मान की लड़ाई बन चुकी है। इसी संघर्ष को जनआंदोलन का रूप देने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत दादरी विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े गांव दुजाना में विशाल ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया।
इस ग्राम चौपाल की सबसे खास बात यह रही कि यहां मंच से नेताओं से अधिक ग्रामीण मजदूरों की पीड़ा और आक्रोश सुनाई दिया। काम न मिलना, भुगतान में देरी, जॉब कार्ड की बाधाएं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी।
🔎 विशेष एंगल: मनरेगा पर हमला = गांव की अर्थव्यवस्था पर हमला
ग्रामीणों का कहना था कि यदि मनरेगा कमजोर होती है तो गांव में पलायन बढ़ेगा, बेरोजगारी और गरीबी गहराएगी। इसी कारण यह चौपाल एक राजनीतिक कार्यक्रम न होकर ग्रामीण अधिकारों की खुली अदालत बन गई।
राष्ट्रीय नेतृत्व का कड़ा संदेश
ग्राम चौपाल में मुख्य अतिथि कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सहप्रभारी उत्तर प्रदेश प्रदीप नरवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों की संवैधानिक गारंटी है, लेकिन भाजपा सरकार इसे योजनाबद्ध तरीके से खत्म करने में लगी है।
उन्होंने कहा कि बजट में कटौती, भुगतान में देरी और नाम बदलने जैसी कोशिशें गरीब के अधिकार छीनने की साजिश हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सहप्रभारी हिमाचल प्रदेश विदित चौधरी ने की। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था, जल संरक्षण, हरियाली और सामाजिक सुरक्षा की रीढ़ है। यदि सरकार ने इस योजना से खिलवाड़ बंद नहीं किया तो कांग्रेस देशव्यापी जन आंदोलन तेज करेगी।
शपथ से संघर्ष तक – दादरी से आंदोलन का संदेश
जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने उपस्थित जनसमूह को मनरेगा बचाने की सामूहिक शपथ दिलाई और कहा कि जब तक 100 दिन का काम और समय पर मजदूरी सुनिश्चित नहीं होती, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम के संयोजक जिला पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ कांग्रेस के जिला चेयरमैन महाराज सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में संगठन मंत्री अनिल यादव उपस्थित रहे।
ग्रामीणों की भागीदारी और प्रमुख उपस्थित लोग
ग्राम चौपाल में प्रमुख रूप से
महाराज सिंह नागर, वंश नागर, हरिन्द्र शर्मा, सुरेंदर डेढ़ा, रण सिंह प्रधान, ब्रह्म सिंह प्रधान, मास्टर ब्रह्म सिंह, देशराज, मुकेश यादव, अशोक पंडित, दुष्यन्त नागर, महिपाल सिंह नागर, जवाहर सिंह नागर, धर्म सिंह, ऋषिपाल सिंह, तेजवीर सिंह, पुरुषोत्तम नागर, राजकरण, सूबेदार सतपाल सिंह, विजय नागर, सतीश शर्मा, धर्मवीर सिंह, यूनुस कुरैशी, नरेश शर्मा, नीरज लोहिया, निशा शर्मा, संदीप नागर, गजराज सिंह, कपिल भाटी, आर.के. प्रथम, तनवीर अहमद, पुनीत मावी, रमेश चंद्र यादव, रमेश वाल्मीकि, सचिन शर्मा, सचिन जीनवाल, अरुण गुर्जर, अरविन्द रेक्सवाल, अमित कुमार, सुबोध भट्ट, गजन सिंह प्रधान, ओमबीर सिंह, गौरव नागर, बिन्नू भाटी, मोहित भाटी, ओमकार सिंह राणा, जेविंदर नागर, विपिन नागर, ह्रितिक नागर, श्यामलाल, प्रेम सिंह, पोपल गुर्जर, वीर सिंह, तीरथ, ओमी, महेश, भूले सिंह, पियूष जाटव, बसंत, मनीष, चाहत सिंह नागर, अजब सिंह, सुनील, सोनू जाटव, रवि जाटव, निखिल नागर, अंकुर नागर, जितेंद्र नागर, शिवदत्त शर्मा, राजकुमार, राजू नागर, गैला सिंह, महावीर सिंह, सन्नी नागर सहित
जिला, ब्लॉक व मंडल स्तर के कांग्रेस पदाधिकारी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
"विजन लाइव" का विश्लेषण
दुजाना की चौपाल ने साबित कर दिया कि मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, बल्कि गांव की जिंदगी है — और अब गांव खुद इसे बचाने सड़क पर उतर चुका है।
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