BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को ऐतिहासिक विकास की सौगात: मेडिकल कॉलेज को प्राथमिकता, 74 परियोजनाओं से 22,960 करोड़ का निवेश और 31,627 रोजगार

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ यीडा सिटी 
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकास की एक नई इबारत लिखते हुए यमुना क्षेत्र को औद्योगिक, सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से मजबूत बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठाया है। प्राधिकरण द्वारा 74 औद्योगिक इकाइयों और सामाजिक परियोजनाओं के लिए 22 लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है, जिससे 22,960 करोड़ रुपये का निवेश और 31,627 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इस व्यापक विकास योजना में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसे यमुना क्षेत्र के सामाजिक परिवर्तन की नींव माना जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज: स्वास्थ्य और शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव
यीडा ने सेक्टर-17 में M/s Bodhistva Charitable Trust को 20.50 एकड़ भूमि आवंटित की है, जहां एक आधुनिक मेडिकल कॉलेज, मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना में लगभग 532 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
यह मेडिकल कॉलेज न केवल एक शैक्षणिक संस्थान होगा, बल्कि यह यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लिए एक रीजनल हेल्थ हब के रूप में कार्य करेगा। आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को अब बेहतर इलाज के लिए दिल्ली, नोएडा या गाजियाबाद के बड़े अस्पतालों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज से—
स्थानीय युवाओं को एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा का अवसर मिलेगा,
सैकड़ों डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और शिक्षकों को रोजगार मिलेगा,
आपातकालीन और विशेष चिकित्सा सेवाएं क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी,
स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण होगा, जिससे ग्रामीण आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
यीडा अधिकारियों के अनुसार, यह मेडिकल कॉलेज आने वाले वर्षों में यमुना क्षेत्र के सामाजिक विकास का केंद्र बिंदु बनेगा।
सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर यमुना क्षेत्र
देश को सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सेक्टर-28 में M/s India Chip Pvt. Ltd. (एचसीएल-फॉक्सकॉन संयुक्त उपक्रम) को 48 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां सेमीकंडक्टर चिप निर्माण यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे 3706 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
यह परियोजना भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ नीति को मजबूती देगी और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को एक नेशनल सेमीकंडक्टर क्लस्टर के रूप में पहचान दिलाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई मजबूती
सेक्टर-10 स्थित EMC (Electronic Manufacturing Cluster) में M/s Ascent Circuit Pvt. Ltd. को 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां फ्लेक्सिबल पीसीबी, सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का उत्पादन होगा। इस परियोजना से 3250 करोड़ रुपये का निवेश होगा और हजारों तकनीकी रोजगार सृजित होंगे।
बड़े उद्योग, बड़ा भरोसा
सेक्टर-08 में M/s Amber Enterprises India Limited को 100 एकड़ भूमि दी गई है, जहां कूपर क्लैड लैमिनेट्स, पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। इससे 3532 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
इसके अलावा SAEL Solar, Havells India, Minda Corporation और Pine Valley Venture जैसी दिग्गज कंपनियों को भी भूमि आवंटन मिला है, जो यमुना क्षेत्र को उत्तर भारत के औद्योगिक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करता है।
कुल 74 परियोजनाएं, विकास का समग्र मॉडल
वित्तीय वर्ष 2025-26 में—
औद्योगिक योजना के तहत 28 इकाइयों को 2.32 लाख वर्गमीटर भूमि (1332 करोड़ निवेश, 8783 रोजगार),
ई-ऑक्शन योजना से 37 इकाइयों को 1.00 लाख वर्गमीटर भूमि (500 करोड़ निवेश, 4800 रोजगार),
इन्वेस्ट यूपी व शासन के एलओसी के माध्यम से 9 इकाइयों को 18.77 लाख वर्गमीटर भूमि (21,128 करोड़ निवेश, 18,044 रोजगार)
आवंटित की गई है।
औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक संतुलन
यीडा की इस नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां केवल उद्योगों को नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव संसाधन विकास को भी समान महत्व दिया गया है। मेडिकल कॉलेज, रोजगार सृजन और अत्याधुनिक उद्योग—तीनों मिलकर यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को एक समग्र विकास मॉडल बना रहे हैं।
उत्तर भारत का नया विकास इंजन बनेगा यमुना एक्सप्रेसवे
इन परियोजनाओं के मूर्त रूप लेने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग—हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 10 वर्षों में यह क्षेत्र उत्तर भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक और सामाजिक विकास केंद्र बनकर उभरेगा।
यीडा की यह पहल न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ा रही है, बल्कि आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।