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वोट चोर–गद्दी छोड़ की गूंज फिर गौतमबुद्धनगर से दिल्ली तक


रामलीला मैदान की रैली में शामिल होने उमड़ा जनसैलाब, कांग्रेस ने लोकतंत्र बचाने का भरा हुंकार


मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 

गौतमबुद्ध नगर से एक बार फिर “वोट चोर–गद्दी छोड़” का नारा दिल्ली की ओर गूंजा। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला के नेतृत्व में नोएडा सेक्टर-14A स्थित गौतमबुद्ध द्वार पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित रैली में शामिल होने के लिए रामलीला मैदान की ओर कूच किया।

सुबह से ही जोश और जज़्बे से भरे कार्यकर्ताओं का सैलाब नोएडा गेट पर उमड़ पड़ा। तिरंगे, पार्टी झंडों और नारों के बीच लगभग एक हज़ार कांग्रेस कार्यकर्ता सैकड़ों गाड़ियों व बसों के काफिले के साथ दिल्ली पहुँचे। यह कूच केवल एक रैली में भागीदारी नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के संकल्प का सार्वजनिक प्रदर्शन था।

नोएडा गेट पर एकत्रित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि यह संघर्ष “आज़ादी की दूसरी लड़ाई” के समान है। उन्होंने कहा, “संविधान हमारी ताकत है। हमारे नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लोकतंत्र बचाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। आज रामलीला मैदान से देश सरकार से वोट चोरी पर जवाब मांगेगा।”


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन उन करोड़ों भारतीयों के अधिकारों की रक्षा के लिए है, जिनका शोषण केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण हो रहा है।

दीपक भाटी चोटीवाला ने आगे कहा कि गौतमबुद्ध नगर कांग्रेस का “हर सिपाही पार्टी, देश और विचारधारा के स्थायित्व के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है।” उनके शब्दों में, यह रैली सत्ता से सवाल पूछने और जनता की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का माध्यम है।

रैली में गौतमबुद्ध नगर से गौतम अवाना, मुकेश शर्मा, सूबेदार सतपाल सिंह, महाराज सिंह नागर, धर्म सिंह, निशा शर्मा, रिज़वान चौधरी, नीरज लोहिया, गणेश मीणा, राजू राव, तीरथराम, संदीप नागर, रघुराज शर्मा, गौतम सिंह, राधा रानी, कपिल भाटी, आर.के. प्रथम, रमेशचंद यादव, रमेश बाल्मीकि, सुबोध भट्ट, नीतीश चौधरी, अरविन्द रेक्सवाल, नरेश शर्मा, तनवीर, सचिन जीनवाल, विपिन त्यागी, असगर अली, अमित कुमार, इरफान, दयानंद नागर, प्रिंस भाटी, गजन प्रधान, हरकेश चौधरी, बिन्नू नेताजी, मोहित भाटी, संदीप भाटी, सचिन भाटी, रूपेश भाटी, हैप्पी भाटी, भूपेंद्र भाटी, के.के. भाटी, धीरा सिंह, ओमकार राणा, मेहरचंद, रामकुमार शर्मा, प्रभात नागर, अकबर अली, शिव चौटाला, मोहम्मद तकी, पुनीत मावी, यूनुस कुरैशी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, गौतमबुद्ध नगर से उठी यह गूंज दिल्ली के रामलीला मैदान तक पहुँची—जहाँ कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा। “वोट चोर–गद्दी छोड़” अब केवल नारा नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संकल्प बनकर उभरा है।