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आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने जम्मू विश्वविद्यालय में रचा इतिहास

माननीय उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के करकमलों से मिला प्रथम पुरस्कार, ₹25,000 नकद सम्मान
  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के लिए यह अत्यंत गौरव और सम्मान का क्षण है कि कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग (AIML) विभाग के प्रतिभाशाली छात्र आयुष कुमार एवं ऋषव कुमार ने जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की हैकाथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
इस उपलब्धि के लिए दोनों छात्रों को ₹25,000 की नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान माननीय उपराज्यपाल, जम्मू एवं कश्मीर श्री मनोज सिन्हा के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया, जो अपने आप में छात्रों एवं संस्थान के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण रहा।
उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा में शानदार विजय
इस प्रतिष्ठित हैकाथॉन में देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों जैसे IIT Jammu, NIT Srinagar, IIT Patna और Chandigarh University के प्रतिभाशाली छात्रों ने भाग लिया था। इतने उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त करना न केवल तकनीकी दक्षता का प्रमाण है, बल्कि नवाचार, टीमवर्क और समस्या-समाधान क्षमता का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन की जटिल तकनीकी समस्याओं के समाधान विकसित करने का अवसर दिया गया। आयुष और ऋषव ने अपनी एआई और मशीन लर्निंग आधारित अभिनव परियोजना से निर्णायकों को प्रभावित किया और उत्कृष्ट प्रस्तुति के माध्यम से शीर्ष स्थान हासिल किया।
संस्थान में उत्साह और गर्व का माहौल
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. मयंक गर्ग ने विजेता छात्रों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा,
“यह सफलता केवल दो छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे संस्थान की सामूहिक मेहनत और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण का परिणाम है। हमारे विद्यार्थी जिस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। संस्थान निरंतर नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता को बढ़ावा देता रहेगा।”
वहीं कॉलेज के डीन डॉ. विष्णु शर्मा ने भी छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा,
“समर्पण, परिश्रम और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। आयुष और ऋषव ने यह सिद्ध कर दिया है कि आईटीएस के विद्यार्थी किसी भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।”
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
यह उपलब्धि न केवल आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि छात्रों को सही मार्गदर्शन, संसाधन और प्रोत्साहन मिले, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज लगातार अपने विद्यार्थियों को तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और शोध गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रहा है। आयुष कुमार और ऋषव कुमार की यह ऐतिहासिक जीत निश्चित रूप से आने वाले समय में और भी बड़ी उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करेगी।