BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

ग्रेटर नोएडा में हरियाली की दोहरी पहल

🌿🌸 एक ओर पुष्प प्रदर्शनी से सौंदर्यीकरण, दूसरी ओर प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त प्रहार
   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर को सुंदर भी और सुरक्षित भी बनाने की दिशा में एक साथ दो बड़े कदम उठा रहा है। जहां एक ओर आगामी पुष्प प्रदर्शनी के जरिए शहर की हरियाली और सौंदर्य को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली बिल्डर सोसाइटियों पर कड़ा शिकंजा कस दिया गया है।
🌸 पुष्प प्रदर्शनी: शहर की हरियाली बनेगी पहचान
27-28 फरवरी और 1 मार्च को प्रस्तावित तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी में इस बार सिर्फ निजी प्रतिभागी ही नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा के सेंट्रल वर्ज, ग्रीन बेल्ट और गोलचक्कर भी प्रतियोगिता का हिस्सा बनेंगे।
इन स्थानों पर थीम फ्लावर कैलेंडुला की विशेष क्यारियां विकसित की जाएंगी और सबसे सुंदर प्रस्तुति को पुरस्कार भी मिलेगा।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर उद्यान विभाग पूरी ताकत से तैयारियों में जुटा है।
प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा के अनुसार,
29 सेंट्रल वर्ज
45 ग्रीन बेल्ट
41 गोलचक्कर
जो एडॉप्शन पर विकसित किए गए हैं, सभी को प्रदर्शनी में भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण का लक्ष्य है कि इस बार की पुष्प प्रदर्शनी अब तक की सबसे भव्य और आकर्षक हो।
🚨 एसटीपी न चलाने वालों पर सख्ती: 202 सोसाइटियों को नोटिस
दूसरी ओर, शहर के पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही बिल्डर सोसाइटियों पर प्राधिकरण ने बड़ा एक्शन मोड अपनाया है।
सीवर विभाग ने 202 बिल्डर सोसाइटियों को नोटिस जारी कर उनके एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के संचालन और ट्रीटेड वॉटर के उपयोग पर जवाब मांगा है।
स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि:
एक सप्ताह में संतोषजनक जवाब दें
ट्रीटेड पानी का उपयोग हरित क्षेत्रों की सिंचाई में करें
अन्यथा मौके पर मुआयना और भारी पेनल्टी तय है
बीते दो सप्ताह में ही 6 बिल्डर सोसाइटियों पर 27 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। जुर्माने की राशि 7 कार्य दिवस में जमा करनी होगी, नहीं तो आगे और सख्त कार्रवाई होगी।
💧 एसीईओ की अपील: “पानी बचाइए, भविष्य बचाइए”
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने सभी बिल्डर सोसाइटियों से अपील की है कि वे निकलने वाले सीवर जल को पूरी तरह शोधित कर उसे पेड़-पौधों की सिंचाई में उपयोग करें, ताकि भूजल और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रह सकें।
🔎 विशेष नजर: सौंदर्य और सख्ती का संतुलन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह दोहरी रणनीति साफ संकेत देती है कि
अब शहर में सिर्फ विकास नहीं, बल्कि जिम्मेदार विकास होगा।
एक ओर फूलों से शहर को सजाने की पहल, तो दूसरी ओर नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई—यह संदेश साफ है कि हरियाली और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।