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आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज के इनोवेटर्स ने IIC रीजनल मीट 2025 में दर्ज की मजबूत उपस्थिति



📌 Vision Live/ Greater Noida 

इंस्टिट्यूशन’s इनोवेशन काउंसिल (IIC), आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज ने 25 नवंबर 2025 को जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में आयोजित IIC रीजनल मीट 2025 में अपनी नवाचार क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कॉलेज ने YUKTI Innovation Challenge के तहत चयनित छह अत्याधुनिक परियोजनाएँ पेश कीं, जिनमें स्वास्थ्य सेवा, एआई आधारित शिक्षा और सतत विनिर्माण सहित विविध क्षेत्र शामिल थे।

🔹 मुख्य आकर्षण — प्रस्तुत की गई छह प्रमुख परियोजनाएँ

  • सिंथेसाइज़्ड बोन ग्राफ्ट मटेरियल्स – दंत एवं अस्थि दोषों को पूरा करने के लिए विकसित उन्नत कृत्रिम सामग्री।
  • कोड फॉक्स – डेटा स्ट्रक्चर एवं एल्गोरिद्म में दक्षता हासिल करने हेतु एआई आधारित व्यक्तिगत मूल्यांकन प्रदान करने वाला ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म।
  • बायोडिग्रेडेबल शेलैक प्रोडक्ट्स – शेलैक एवं सिंथेटिक रेज़िन की मदद से पर्यावरण–अनुकूल, ढले हुए उत्पाद बनाने की सतत तकनीक।
  • ईवी एक्सेलेरेशन एन्हांसर – इलेक्ट्रिक वाहनों की रेस्पॉन्सिवनेस और एक्सेलेरेशन प्रदर्शन बढ़ाने के लिए विकसित विशेष उपकरण।
  • मिड-डे मील मैनेजमेंट सिस्टम – मध्यान्ह भोजन योजना की रिपोर्टिंग और निगरानी को डिजिटाइज एवं स्वचालित करने वाला प्रभावी सिस्टम।
  • एआई–पावर्ड ग्रीवेंस सिस्टम – सरकारी एवं कॉर्पोरेट क्षेत्रों में शिकायतों की ट्रैकिंग और नोटिफिकेशन के लिए एआई आधारित प्लेटफॉर्म।

इन परियोजनाओं के अतिरिक्त कॉलेज ने नवाचार एवं उद्यमिता (I&E) क्षेत्र में अपनी प्रमुख उपलब्धियों को दर्शाता हुआ एक विशेष पोस्टर भी प्रस्तुत किया।

🔹 कॉलेज निदेशक का वक्तव्य

आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. मयंक गर्ग ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“ऐसे प्लेटफॉर्म हमारे नवाचारकर्ताओं को अपना कार्य प्रस्तुत करने और उद्योग विशेषज्ञों से वास्तविक प्रतिक्रिया प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं, जो उनके पेशेवर विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

🔹 नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता

आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज निरंतर छात्रों को नवाचार, शोध एवं उद्यमिता के नए अवसर और मजबूत प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।