BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts


 

नन्हे बच्चों की अभिनव प्रतिभा ने मोहा सबका मन



    Vision Live / ग्रेटर नोएडा

द लिटिल इंजन प्री-स्कूल के नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी सृजनशीलता, चपलता और मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरे समारोह को उत्साह, सौंदर्य और उल्लास से सराबोर कर दिया। मंच पर उनकी मासूम ऊर्जा और कौशल को देखकर अभिभावकों और शिक्षकों की तालियाँ लगातार गूंजती रहीं।


वार्षिक खेल दिवस : ऊर्जा, अनुशासन और टीम–स्पिरिट का संगम

विद्यालय में आयोजित वार्षिक खेल दिवस का उद्देश्य बच्चों में क्रीड़ा–संस्कार, आत्मानुशासन, सहयोग, सामंजस्य और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना था। विभिन्न कल्पनाशील गतिविधियों ने बच्चों की फुर्ती, मोटर स्किल्स, संतुलन और टीमवर्क को खूबसूरती से उभारा।


दीप प्रज्वलन और उद्घाटन

कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक श्रीमती अंजू कोहली एवं प्रॉमिनेंस वर्ल्ड स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती मृणालिनी सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद नन्हों की डम्बल प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर श्रीमती कोहली ने कहा—
“क्रीड़ा मन, मस्तिष्क और शरीर के पुनरोत्थान का अद्भुत माध्यम है।”


वेलकम वॉक : मासूम कदम, आत्मविश्वास भरी मुस्कान

प्री-नर्सरी वर्ग की वेलकम वॉक ने कार्यक्रम में ऊर्जा और आनंद का संचार कर दिया। बच्चों की सहज लय, उनकी मुस्कान और आत्मविश्वास ने यह सिद्ध किया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज़ नहीं होती।


खेल स्पर्धाएँ : नन्हों का शानदार प्रदर्शन

विभिन्न रचनात्मक खेलों में बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिनमें शामिल रहे—

  • हर्डल रेस – फुर्ती और संतुलन का प्रदर्शन
  • बॉल बैलेंसिंग – ध्यान, नियंत्रण और धैर्य का सुंदर संयोजन
  • पौधों को पानी देना – जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक
  • पैक योर बैग – त्वरित निर्णय–क्षमता और आयोजन कौशल का उदाहरण

इन गतिविधियों ने बच्चों की निर्भीकता और त्वरित सीखने की क्षमता को उजागर किया।


सम्मान समारोह

विजयी प्रतिभागियों को निदेशक एवं मुख्य अतिथि द्वारा मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। बच्चों के चेहरों पर चमकता गर्व पूरे समारोह का सबसे सुखद और भावनात्मक क्षण बना।


समापन : उज्ज्वल भविष्य की ओर एक कदम

यह खेलोत्सव केवल प्रतियोगिताओं का मंच नहीं रहा, बल्कि बाल–ऊर्जा, अनुशासन, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का उत्सव बना। द लिटिल इंजन प्री-स्कूल ने पुनः सिद्ध किया कि—
“जहाँ नन्हे सपने सहेजे जाते हैं, वहीं उज्ज्वल भविष्य आकार पाता है।”