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आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज में विशेषज्ञ सत्र


“हाउ टू अप्रोच कॉल फॉर एप्लिकेशंस” पर छात्रों को मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन

    Vision Live / ग्रेटर नोएडा 
आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में आज इंस्टीट्यूशन’स इनोवेशन काउंसिल (IIC) और ई-सेल के संयुक्त तत्वावधान में “हाउ टू अप्रोच कॉल फॉर एप्लिकेशंस” विषय पर एक महत्वपूर्ण विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज के नायडू हॉल में संपन्न हुआ, जिसमें आईआईटी रुड़की के सीएसआर हेड श्री अंशुमान सिंह चौहान बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए।

स्टार्टअप, हैकाथॉन और राष्ट्रीय योजनाओं की समझ पर गहन चर्चा

सत्र के दौरान श्री अंशुमान ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर आने वाली विभिन्न स्टार्टअप स्कीम्स, इनोवेशन चैलेंज, हैकाथॉन, तथा सरकारी एवं औद्योगिक कॉल फॉर एप्लिकेशंस को पढ़ने, समझने और उन पर प्रभावी तरीके से आवेदन तैयार करने की तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

उन्होंने आवेदन प्रक्रिया में अपनाए जाने वाले प्रमुख तत्वों—

  • समस्या कथन की समझ,
  • इनोवेटिव आइडिया की स्पष्ट प्रस्तुति,
  • तकनीकी व्यवहार्यता,
  • प्रभाव आकलन,
  • और प्रोफेशनल डॉक्यूमेंटेशन—
    पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि एक सही संरचित, स्पष्ट और रणनीतिक आवेदन न केवल चयन की संभावना बढ़ाता है, बल्कि प्रतियोगिताओं और फंडिंग कार्यक्रमों में संस्थान की पहचान भी मजबूत करता है।

नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में सशक्त कदम

आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. मयंक गर्ग ने कार्यक्रम को छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा—

“ऐसे सत्र छात्रों को केवल प्रतियोगिताओं में भाग लेने लायक नहीं बनाते, बल्कि उन्हें उच्च स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सक्षम करते हैं। यह पहल हमारे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करती है और परिसर में उद्यमिता की संस्कृति को नई दिशा देती है।”

सत्र में कॉलेज के अनेक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञ से सीधे प्रश्न पूछकर वास्तविक अनुभवों पर आधारित मूल्यवान जानकारियाँ प्राप्त कीं। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरक और उपयोगी बताया।

यह आयोजन संस्थान की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह छात्रों को तकनीकी दक्षता, स्टार्टअप सोच और नवाचार आधारित सीखने के अवसर प्रदान करता रहा है।