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गांधी-शास्त्री जयंती और अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर रामलाल वृद्धाश्रम में भव्य भजन संध्या



      Vision Live/ ग्रेटर नोएडा
गांधी-शास्त्री जयंती और अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर रामलाल वृद्धाश्रम (नॉलेज पार्क-2) में गुरुकुल द म्युजिकोलॉजी फाउंडेशन द्वारा एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समर्पण, श्रद्धा और संस्कारों का अद्भुत संगम रहा।

🌼 कार्यक्रम का शुभारंभ
इस आयोजन की शुरुआत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उद्यान विभाग (हॉर्टिकल्चर) के अपर निदेशक बुद्ध विलास ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और फाउंडेशन के सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

🌼 फाउंडेशन का संदेश
फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रियंका मिश्रा ने कहा:

“जहां बुजुर्गों का सानिध्य होता है, वहां हमेशा समृद्धि और शांति रहती है। हमें उनके प्रति सम्मान और देखभाल की भावना को बनाए रखना चाहिए।”

🌼 सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
बच्चों और कलाकारों ने भजनों और संगीत की मधुर लहरियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

🎶 विशेष प्रस्तुतियाँ:

  • जूनियर तबला वादन – शिवाय, विवान
  • सीनियर तबला वादन – मानित, अनुरज, वियान
  • भजन “अच्युतम केशवम्” – पल्लवित, शिवाय, साक्षी
  • भजन प्रस्तुतियाँ
    • पलक सिंह: “रामा रामा रटते रटते”
    • सोनम मिश्रा: “वैष्णव जन तो तेने कहिये…”, “रघुपति राघव राजा राम”
    • श्वेता श्रीवास्तव: “इतनी शक्ति हमें देना दाता”
    • अमित त्रिपाठी: “हरे राम हरे कृष्णा”
    • आनंद मिश्रा: “राधे-राधे”

🌼 विशेष सहयोग
इस अवसर पर प्रमुख कलाकारों, शिक्षकों और अभिभावकों की भी विशेष उपस्थिति रही।
इनमें – संगीत जोशी, उपेंद्र कुमार, आनंद मिश्रा, अमित पॉल, आनंद वैभव, शिवम, पंडित मिथिलेश झा, डॉ. अनुज श्रीवास्तव, डॉ. अजय, हिमांशु मिश्रा, सोनम मिश्रा, प्रियंका मिश्रा, श्वेता श्रीवास्तव प्रमुख रूप से शामिल रहे।

🌼 भक्ति और आनंद का संगम
आश्रम के बुजुर्गों ने भी भजनों और प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। तालियों की गड़गड़ाहट और झूमते कदमों के साथ पूरा माहौल भक्ति और आनंद से सराबोर हो गया। मानो एक ही मंच पर पीढ़ियों का संगम, संस्कारों का आदान-प्रदान और भक्ति का भावपूर्ण प्रवाह एक साथ साकार हो गया हो।

🙏 इस आयोजन ने न केवल गांधी-शास्त्री जयंती और अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस को विशेष बना दिया, बल्कि समाज में बुजुर्गों के सम्मान और पीढ़ियों के बीच प्रेम का अद्भुत संदेश भी दिया।