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पढ़ाई का असली मकसद अच्छे इंसान बनना और समाज की जिम्मेदारी निभाना है – खान सर


✍️ मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा

जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ (GIPS) में ओरिएंटेशन दिवस “नवांकुर” का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में हुआ। इस अवसर पर बीबीए, बीसीए, बी.कॉम (ऑनर्स), बी.कॉम (पी) और बीएससी (कंप्यूटर साइंस) जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले नए छात्रों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में प्रख्यात शिक्षक खान सर, इंडिया टुडे हिंदी व द लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी, सहायक पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर विवेक रंजन राय, नैसकॉम-एसएससी की सीईओ डॉ. अभिलाषा गौर और डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के उप महाप्रबंधक विवेक गुप्ता जैसे विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।

खान सर का प्रेरक संबोधन

खान सर ने छात्रों को जीवन और शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य से अवगत कराते हुए कहा—
पढ़ाई का असली मकसद केवल डिग्री पाना नहीं, बल्कि अच्छे इंसान बनना और समाज की जिम्मेदारी निभाना है।

उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखना जरूरी है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सबसे बड़ा मंत्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी कॉलेज या संस्थान छात्रों के करियर के पीछे नहीं भागेगा, यह जिम्मेदारी हर छात्र को खुद उठानी होगी।

खान सर ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे नवीन सोच अपनाएं, राष्ट्र निर्माण में योगदान दें और अपने माता-पिता का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा—“सपने सब देखते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो प्लान के साथ लगातार मेहनत और अनुशासन बनाए रखते हैं।

अन्य अतिथियों के विचार

  • सौरभ द्विवेदी ने छात्रों से कहा कि सवाल पूछने और आलोचनात्मक सोच विकसित करने की आदत डालें। उन्होंने संचार कौशल और जागरूकता को सफलता का अहम आधार बताया।
  • एसीपी विवेक रंजन राय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अनुशासन, ईमानदारी और नैतिकता ही सफल जीवन की सच्ची नींव हैं।
  • डॉ. अभिलाषा गौर ने छात्रों को भविष्य की रोजगार संभावनाओं और डिजिटल स्किल्स के महत्व पर प्रकाश डाला।
  • विवेक गुप्ता ने कॉर्पोरेट करियर में व्यावहारिक अनुभव, टीमवर्क और अनुकूलनशीलता को सफलता की कुंजी बताया।

संस्थान का आश्वासन

इस अवसर पर जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. राजेश गुप्ता ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और विश्वस्तरीय शिक्षा व समग्र विकास का भरोसा दिलाया।
जीआईपीएस की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सविता मोहन ने छात्रों का स्वागत करते हुए संस्थान के मूल्यों और अवसरों से परिचित कराया।

समापन

सांस्कृतिक कार्यक्रमों और छात्रों की जीवंत प्रस्तुतियों ने ओरिएंटेशन दिवस में चार चाँद लगा दिए।
नवांकुर 2025” कार्यक्रम ने नए छात्रों में ऊर्जा, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना जगाई। खासकर खान सर का यह संदेश कार्यक्रम की सबसे बड़ी सीख बनकर सामने आया कि—
“सपनों को पूरा करने के लिए कॉलेज पर नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और अनुशासन पर भरोसा करना होगा।”