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जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, में छात्रों को दी गई साइबर सुरक्षा की अहम जानकारी

जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी ग्रेटर नोएडा में छात्रों को दी गई साइबर सुरक्षा की अहम जानकारी
कक्षा 9 से 12 के छात्रों को जागरूक करने हेतु विशेष सत्र आयोजित


मौहम्मद इल्यास “दनकौरी” | ग्रेटर नोएडा
जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी ग्रेटर नोएडा में मंगलवार को एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। सत्र का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानियों और उपायों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की शुरुआत साइबर अपराध की परिभाषा और इससे होने वाले खतरों की चर्चा से हुई। बताया गया कि आज के समय में बच्चे स्मार्टफोन, टैबलेट, कंप्यूटर और गेमिंग डिवाइस पर अधिक समय बिता रहे हैं, जिससे वे विभिन्न प्रकार के साइबर खतरों के संपर्क में आ सकते हैं।

छात्रों को बताया गया किन-किन खतरों से सतर्क रहें:

  • मैलवेयर और वायरस अटैक
  • फ़िशिंग (झूठे ईमेल/लिंक द्वारा डेटा चोरी)
  • अश्लील और आपत्तिजनक वेबसाइटों तक पहुंच
  • हैकिंग और पहचान की चोरी
  • ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी योजनाएं

सुरक्षा के लिए बताए गए उपाय:

छात्रों को बताया गया कि अगर वे कुछ सामान्य सुरक्षा उपाय अपनाएं, तो अधिकांश साइबर अपराधों से बच सकते हैं:

  • मजबूत और यूनिक पासवर्ड का उपयोग करें जिसमें अक्षर, संख्याएं और विशेष चिन्ह हों।
  • अपने सॉफ़्टवेयर और एप्लिकेशन को नियमित रूप से अपडेट रखें।
  • संदिग्ध ईमेल या लिंक पर क्लिक न करें, विशेषकर यदि वे किसी अज्ञात स्रोत से आए हों।
  • मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) सक्षम करें जिससे अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।
  • सार्वजनिक वाई-फाई का प्रयोग करते समय संवेदनशील जानकारी दर्ज करने से बचें।
  • एंटीवायरस और एंटी-मैलवेयर सॉफ़्टवेयर अपने डिवाइस में इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।
  • व्यक्तिगत जानकारी (जैसे बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, OTP) को किसी के साथ ऑनलाइन साझा न करें।

शिकायत कहां और कैसे करें?

सत्र में यह भी बताया गया कि यदि कोई साइबर अपराध घटित हो जाए, तो छात्र या अभिभावक तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल में भी रिपोर्ट की जा सकती है।

बच्चों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे और विशेषज्ञों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस तरह के आयोजन को समय की आवश्यकता बताते हुए भविष्य में और भी सत्र आयोजित करने की बात कही गई।