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हिंदुओं का धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं करेगा आर्य समाज : डॉ आर्य

Vision Live/ Greater Noida 
ग्रेटर नोएडा में  जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के मार्गदर्शन में गांव नियाना स्थित श्रावण वेद कथा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रतिनिधि सभा के जिलाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार आर्य ने कहा कि आर्य समाज हिंदुओं का धर्मांतरण कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि एक सुनियोजित योजना के अंतर्गत सनातन को मिटाने के उद्देश्य से प्रेरित होकर कुछ शक्तियां कार्य कर रही हैं। जिन्होंने पूर्व में देश का विभाजन कराया था, वही अब एक बार फिर हिंदु समाज को मिटाने या देश को तोड़ने की कोशिशों में लगी हुई हैं,लेकिन अब पूरा हिंदू समाज जाग चुका है। इसलिए आर्य समाज देश विरोधी शक्तियों के सपनों को कतई पूरा नहीं होने देगा।
   डॉ आर्य ने कहा कि इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 3 अगस्त को गांव नवादा में आर्य समाज का एक विशाल सम्मेलन आहूत किया गया है । जिसमें हिंदू समाज के लोगों के धर्मांतरण और साथ ही लव जिहाद के द्वारा हिंदू बहन बेटियों को भरमाने की कोशिशों में लगे लोगों की गतिविधियों पर विचार करते हुए सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की जाएगी। जो लोग इस प्रकार की गतिविधियों में लगे हुए हैं वे देश के शत्रु हैं। उपस्थित लोगों ने प्रस्ताव पारित करते हुए निर्णय लिया कि आर्य समाज बापौली में हुई घटना कि यह सदन निंदा करता है और बापौली आर्य समाज के लोगों को अपना पूर्ण समर्थन देता है।
  भाषा प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष ब्रह्मचारी आर्य सागर ने कहा कि लव जिहाद के साथ-साथ समलैंगिक विवाह, लिव इन रिलेशनशिप और कुंवारी मां बनने की अनुमति देने की तैयारी जिन ताकतों के द्वारा भारत में की जा रही है, वे पूर्णतया सनातन की परंपराओं को मिटा देने वाली शक्तियां हैं। समय रहते आर्य समाज को अपनी ऊर्जा शक्ति को पहचानना होगा और अपने पुराने इतिहास के अनुरूप ओजस्वी कार्य करके दिखाना होगा। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देव मुनि जी महाराज ने अपने  संबोधन में कहा कि आर्य समाज ने प्रारंभ से ही राष्ट्र को प्राथमिकता दी है। आज प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जहां कांवड़ियों पर फूल बरसा कर वेद विरुद्ध कार्य कर रहे हैं, वहीं उनका शासन जिस प्रकार कठोरता के साथ देश विरोधी और सनातन विरोधी शक्तियों को कुचलने में संकोच नहीं करता है वह उनका आचरण निश्चय ही मनुस्मृति और मर्यादा पुरुषोत्तम  श्री राम , श्री कृष्ण की परंपरा के अनुरूप किया गया कार्य है, जिसका आर्य समाज समर्थन करता है। प्रधानाचार्य नरपत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आर्य समाज को अपने पुराने स्वरूप में लाने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाने होंगे। जिसके लिए हम सब को सामूहिक प्रयास करना होगा। इसके लिए चाहे जो कुछ भी करना हो हम सब करने के लिए तत्पर हैं। जबकि युवा वक्ता और विचारक मास्टर दिनेश सिंह आर्य ने कहा कि हमें अपनी कथनी और करनी में समन्वय स्थापित करके दिखाना होगा, तभी स्वामी दयानंद जी के सपनों का भक्त बनने में सफल हो पाएंगे। कार्यक्रम के आयोजक महाशय गजराज सिंह आर्य ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि वह आर्य समाज के विस्तार करने में सफल हुए हैं। पहली बार इस प्रकार का आयोजन अपने परिवार में करने पर उन्हें हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया और विश्वास दिलाया कि वह और भी अधिक समर्पित होकर आर्य समाज के लिए कार्य करेंगे।
    जिला उपाध्यक्ष महावीर सिंह आर्य ने अपने द्वारा लिखित सत्यपथ पुस्तक आयोजक परिवार को भेंट की। जिला सेक्रेटरी महेंद्र सिंह आर्य और शशि कपूर के द्वारा इस अवसर पर एक सुंदर भजन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर जिला मंत्री धर्मवीर सिंह आर्य, देवदत्त आर्य, प्रभाकर आर्य,  बाबूराम आर्य,हेमसिंह आर्य, ब्रह्म सिंह, चरण सिंह आर्य , महाशय संतराम सुनील कुमार रामप्रसाद आर्य सतीश कुमार आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। जिला सभा की ओर से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि आर्य समाज हिंदू समाज की कुरीतियों और अंधविश्वासों के उन्मूलन के साथ-साथ सामाजिक सुधार की अपनी प्रक्रिया को जारी रखेगा और हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख के साथ-साथ उन सभी लोगों को वैदिक ध्वज के नीचे लाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा, जो वेदों में विश्वास रखते हैं और इस देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने के लिए तत्पर है।