Vision Live/ Greater Noida
ग्रेटर नोएडा:- समाजवादी पार्टी जिला कार्यालय पर सोमवार को पार्टी की मासिक बैठक का आयोजन जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक का संचालन जिला महासचिव सुधीर तोमर ने किया। बैठक में पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में गरीब, किसान, मजदूर, दलित, पिछड़े और महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है। भाजपा सरकार गरीबों का हक छीन रही है और आम जनता का शोषण करने में लगी हुई है। भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी चरम सीमा पर है। सरकार को जनता की परवाह नहीं है। भाजपा अपने शासनकाल की नाकामी छुपाने के लिए धर्म का सहारा ले रही है और समाज में द्वेष भावना पैदा कर जनता को बाँटने का काम कर रही है। इस मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पिछड़े और दलितों के हक छीनने का काम किया जा रहा है और पीडीए समाज का शोषण किया जा रहा है। सरकार उनके हकों को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली और विकास करने वाली पार्टी है और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यकों एवं शोषित वर्ग की आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस मौके पर समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक यादव ने कहा कि भाजपा संविधान को खत्म कर पिछड़े दलितों के हकों को मारना चाहती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक अन्याय के विरूद्ध समाजवादी पार्टी सदैव खड़ी है और संविधान को बचाने के लिए संकल्पित है। समाजवादी पार्टी वंचितों, शोषितों, दलितों और पिछड़ों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है, पार्टी पीडीए की रणनीति से भाजपा को सत्ता से उखाड़ने का काम करेगी। बैठक में मुख्य रूप से फकीर चंद नागर, इन्दर प्रधान, गजराज नागर, सुधीर तोमर, कृष्णा चौहान, लाल सिंह गौतम, मेहंदी हसन, जगवीर नंबरदार, अकबर खान, कपिल ननका, डॉ विकास जतन, रोहित मत्ते गुर्जर, प्रवीण भाटी, सुदेश भाटी, हैप्पी पंडित, यूनुस प्रधान, विजेंद्र नागर, दीपक नागर, मोहित नागर, सुनील बदौली, अनूप तिवारी, कुलदीप भाटी, विपिन सैन, विक्रम टाइगर, गजेन्द्र यादव, विनय शर्मा, विपिन कसाना, सत्यप्रकाश नागर, वकील सिद्दकी, लखन जाटव, चमन नागर, जय सिंह चंदेल, जगदीप नागर, सलीम मेंबर, असगर सैफी आदि मौजूद रहे।