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टैरिफ में राहत, भूमिगत केबलिंग और नेट मीटरिंग समेत 10 महत्वपूर्ण मांगें रखीं



विद्युत नियामक आयोग की जन सुनवाई में IIA ने उठाई MSME उद्योगों की आवाज़


 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के तत्वावधान में बुधवार को गौतमबुद्ध नगर विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में जन सुनवाई महागोष्ठी का आयोजन किया गया। यह जन सुनवाई नोएडा पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NPCL) द्वारा दी जा रही उपभोक्ता सेवाओं, टैरिफ दरों एवं विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित रही।

इस अवसर पर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) ग्रेटर नोएडा चैप्टर की कोर टीम ने क्षेत्र के उद्यमियों की ओर से आयोग के समक्ष एक विस्तृत मांग एवं सुझाव पत्र प्रस्तुत किया। तकनीकी समिति के चेयरमैन जेड रहमान द्वारा रखे गए बिंदुओं को कई अन्य वक्ताओं ने भी समर्थन दिया।

प्रमुख मांगे एवं सुझाव इस प्रकार रहे:

  1. MSME इकाइयों पर मौजूदा टैरिफ का बोझ पहले से ही अधिक है। किसी भी तरह की वृद्धि उनके लिए विनाशकारी हो सकती है। यदि संभव हो, तो टैरिफ में कटौती की जाए।
  2. MSME को दी जा रही 10% की छूट जारी रखी जाए, यह राहत बेहद आवश्यक है।
  3. बार-बार आपूर्ति बाधित होना उद्योगों के लिए अत्यंत हानिकारक है। अधिकतर फॉल्ट खुले तारों के कारण होते हैं, अतः औद्योगिक क्षेत्रों में भूमिगत केबलिंग की जाए और उसकी समय-सीमा तय की जाए
  4. हर औद्योगिक ब्लॉक की गलियों में अलग-अलग RMU यूनिट्स लगाई जाएं, जिससे फॉल्ट की स्थिति में न्यूनतम क्षेत्र प्रभावित हो।
  5. 50 kW से अधिक लोड पर ट्रांसफार्मर लगाने की अनिवार्यता को 100 kW तक बढ़ाया जाए, जैसा पहले नियम था।
  6. फॉल्ट सुधारने में देरी की एक बड़ी वजह स्टाफ की कमी है। क्षेत्र विस्तार को देखते हुए स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए।
  7. NPCL अब तक बिजली उत्पादन शुरू नहीं कर सका है और केवल ट्रेडर की भूमिका निभा रहा है। आयोग यह सुनिश्चित करे कि NPCL कब तक अपनी विद्युत उत्पादन इकाई शुरू करेगा।
  8. यदि कोई उद्योग अपने भूखंड का कुछ भाग किराए पर देता है, तो किरायेदार को अलग कनेक्शन लेने की अनुमति दी जाए।
  9. सौर ऊर्जा उत्पादकों को नेट मीटरिंग की सुविधा दी जाए, जिससे अतिरिक्त उत्पादन का समायोजन संभव हो सके।

इस जन सुनवाई में IIA ग्रेटर नोएडा से प्रमुख रूप से उपस्थित थे:
बाबूराम भाटी, जेड रहमान, विशारद गौतम, हिमांशु पांडे, प्रमोद गुप्ता, महेश त्यागी सहित अनेक सदस्य।

IIA द्वारा प्रस्तुत बिंदुओं को आयोग ने गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

IIA सचिव हिमांशु पांडे ने सभी उद्यमियों और सदस्यों को उनके सक्रिय सहयोग व सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।