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योग-प्राणायाम से स्वस्थ तन, ध्यान-आध्यात्म से प्रसन्न मन: स्वामी कर्मवीर जी महाराज


 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ग्रेटर नोएडा
"योग और प्राणायाम से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है, लेकिन आत्मा को आनंदित करने के लिए ध्यान और अध्यात्म का मार्ग अपनाना आवश्यक है।" — योगऋषि स्वामी कर्मवीर जी महाराज ने ये प्रेरक वचन विशाल योग शिविर के चतुर्थ दिवस पर उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए कहे।

मॉडर्न स्कूल, डेल्टा-1, ग्रेटर नोएडा में चल रहे निःशुल्क योग शिविर में गुरुवार सुबह भारी संख्या में शहरवासियों की सहभागिता देखने को मिली। योगऋषि स्वामी कर्मवीर जी महाराज के कुशल मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने आज विशेष रूप से योगनिद्रा और शवासन का अभ्यास किया। स्वामी जी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन पद्धति है जो मन, मस्तिष्क और आत्मा को भी छूती है। उन्होंने कहा कि “प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में संयमित दिनचर्या, संतुलित आहार तथा ध्यान-मैडिटेशन को अनिवार्य रूप से अपनाना चाहिए।”

स्वामी जी ने उपस्थित जनसमूह को यह भी प्रेरित किया कि ध्यान, योगनिद्रा और ‘ॐ’ के जाप से मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। उन्होंने योग को जीवन का अंग बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि "योग से केवल शरीर नहीं, विचार और व्यवहार भी निर्मल होते हैं।"

भजन और भक्ति से सुरमयी हुई शिविर की शुरुआत

प्रत्येक दिन की तरह आज भी शिविर की शुरुआत प्रख्यात भजनोपदेशक कुलदीप विद्यार्थी जी के मधुर भजनों के साथ हुई। मच संचालन कर रहे विजेंद्र आर्य ने बताया कि भजनों की आध्यात्मिक लहर और भक्तिरस में डूबी सुबह ने शिविर को एक दिव्य और सात्विक माहौल प्रदान किया। उन्होंने कहा कि "शहरवासियों की लगातार और पूर्णकालिक उपस्थिति आयोजन समिति के लिए उत्साहवर्धक है।"

शिविर समापन 1 जून को यज्ञ के साथ

आयोजन समिति के सक्रिय सदस्य वीरेश भाटी ने जानकारी दी कि योग शिविर का समापन 1 जून 2025 को प्रातः 5 से 7 बजे के बीच होगा। समापन दिवस पर विशेष वैदिक यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें औषधीय सामग्री युक्त समिधाओं से आहुतियाँ देकर वातावरण का शुद्धिकरण किया जाएगा।

नारीशक्ति की सक्रिय भागीदारी सराहनीय

शिविर में विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। सुबह 5 बजे से ही बड़ी संख्या में नारीशक्ति की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि स्वास्थ्य और अध्यात्म के प्रति जागरूकता समाज के हर वर्ग में व्यापक रूप से फैल रही है।



योग एक आंदोलन है—स्वास्थ्य, संतुलन और संस्कार का

यह विशाल योग शिविर न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का केंद्र बन रहा है, बल्कि सामूहिक एकता, आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक जागरूकता का भी उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। यह आयोजन, महर्षि पतंजलि इंटरनेशनल योग विद्यापीठ के संस्थापक योगऋषि स्वामी कर्मवीर जी महाराज के सान्निध्य में, योग को जन-जन तक पहुँचाने का एक सफल प्रयास है।