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वास्तुकला विभाग, जीबीयू में ऑरिगामी वर्कशॉप का समापन

Vision Live/Greater Noida 
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर और क्षेत्रीय नियोजन विभाग ने आज अपने दो दिवसीय ऑरिगामी वर्कशॉप का सफल समापन किया। इसमें ऑरिगामी नियमों के अनुसार और आर्किटेक्चर के जटिल प्रारूप बनाए गए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवींद्र कुमार सिन्हा , डॉ विश्वास त्रिपाठी, रजिस्ट्रार, और डॉ कीर्ति पाल, इंजीनियरिंग विद्यालय की डीन ने कार्यशाला का ४ अप्रैल को उद्घाटन किया। इस वर्कशॉप से तकनीकी और कला का एक सामंजस्य स्थापित हुआ।

मुंबई से आए विशेषज्ञ ऑरिगामिस्ट बॉबी विजयक्कर ने वर्कशॉप का नेतृत्त्व किया, अपनी कला की पूर्णता से प्रतिभागियों को मोहित किया एवं मार्गदर्शन किया। 4 और 5 अप्रैल को आयोजित कार्यशाला में, ऑरिगामी के सिद्धांतों को बिल्डिंग डिज़ाइन में अनिवार्यता से शामिल करने पर ज़ोर दिया। दोनो क्षेत्रों के सामंजस्य से भवन निर्माण की नवाचार पद्धति की उपयोगिता बढ़ेगी और लोकप्रियता मिलेगी।
शिक्षक समन्वयक डॉ. निर्मिता मेहरोत्रा और आर्किटेक्ट अनंत प्रताप सिंह ने वर्कशॉप को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। IIA-यूपी अध्याय की तरफ से आर्किटेक्ट अनुज श्रीवास्तव, आर्किटेक्ट गौरव सैनी,आर्किटेक्ट रेखा सिंह, आर्किटेक्ट शशांक शेखर, और आर्किटेक्ट रजनीश राघव ने प्रतिभाग करके छात्रों से संवाद स्थापित किया। इस ओरिगामी कार्यशाला के द्वारा आर्किटेक्चर में कला के प्रति संवेनशीलता बढ़ेगी।
कार्यशाला के महत्व को ध्यान में रखते हुए, कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार सिन्हा ने टिप्पणी की, "ऑरिगामी और आर्किटेक्चर का सामंजस्य हमें कला और विज्ञान के संगम की खोज करने के लिए एक अनूठा दृष्टिकोण प्रदान करता है। यह वर्कशॉप दोनों क्षेत्रों में मौजूद क्रिएटिविटी और नवविधि का प्रयास है।