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मोदी सरकार 2024 चुनाव को कैसे भुनाएगी ?

चौधरी शौकत अली चेची 
देशवासियों को समझने योग्य  बिंदु , वष॔ 20 23 गया और 24 की शुरुआत, मुख्य चुनावी साल  देश का बुरा हाल  बीजेपी कमाल । सरकारी आंकड़े हैं हम मैन्युफैक्चरिंग में 50 साल पीछे जा चुके है।  मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी का 25% हिस्सा बनेगी ,2022 तक मैन्युफैक्चरिंग में 10 करोड़ नौकरी लेकिन 10 सालों में क्या हुआ? 2014-23 एवरेज मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 5.9%कॉंग्रेस के दौर में यह ग्रोथ लगभग 16% थी, जीडीपी मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा 16% है।
   यह समझ के बाहर है मैन्युफैक्चरिंग में नौकरी 2014 बाद आधी है, हर सेक्टर नीचे है से आधी है ज़्यादातर, मैन्युफैक्चरिंग नेगेटिव चल रहे हैं।
कॉंग्रेस के वक़्त मैन्युफैक्चरिंग जॉब ग्रोथ 6.2%,मोदी के वक़्त यही ग्रोथ 2.9% है, कॉंग्रेस, 2004-14 सैलरी ग्रोथ थी 17%, मोदी, 2014-2023 सैलरी ग्रोथ 8.5% मेक इन इंडिया" एक घटिया मजाक़। सरकारी डाटा कहता है कि यूपीए सरकार मैं एक लाख फैक्ट्री लगी,  मोदी सरकार में 22000 फैक्ट्री लगी और लगभग ढाई लाख फैक्ट्रीयो को फर्जी बताकर बंद कर दिया।  यूपीए के वक्त फैक्ट्री मुनाफा 19% की दर से ऊपर जा रहा था, मोदी सरकार के वक्त यही मुनाफा प्रॉफिटेबिलिटी 0.6% है ,अब इसमें पैसा कौन इन्वेस्ट करेगा ,निर्यात घट गया ,आयात बढ़ गया।
जीसीएफ इकोनॉमी में इन्वेस्टमेंट जीडीपी का  प्रतिशत  फिक्स्ड एसेंट का इन्वेस्टमेंट बताता है। यूपीए के वक्त लगभग 22% एवं मोदी के वक्त नेगेटिव 0.7% मगर कुछ मित्रगण उद्योगपति मालामाल जरूर हुए हैं तथा लगभग 15 लाख करोड रुपए माफ भी कर दिया । भाजपा कहती है कि  सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास।
मोदी सरकार में देश के अधिकांश केंद्रीय विद्यालयों के कुलपति अपर कास्ट हैं ।  अगर दिल्ली विश्वविद्यालय की बात करें तो इसकी स्थापना 100 साल बाद भी दलित पिछड़े एवं आदिवासी शोधार्थी का चयन अनारक्षित सीट पर नहीं किया जा सका है । विद्यालयों के शैक्षिक पदों की नौकरियों में केंद्र सरकार द्वारा दिया गया अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% अनुसूचित जाति को 15% अनुसूचित जनजाति को 7.5% आरक्षण दिया गया है । इंडियन एक्सप्रेस अखबार लिखता है कि देश के 45 केंद्रीय विद्यालयों में अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी के 4.1% प्रोफेसर ही कार्यत हैं पिछड़ा वर्ग की आबादी देश में लगभग 60% है ,अभी बिहार सरकार ने हाल ही में जाति  जनगणना का आंकड़ा प्रकाशित किया।
 समझना होगा कि मोदी सरकार 2024 चुनाव को कैसे भुनाएगी।  देश की जनता भावनात्मक, आस्थावादी मुद्दों में या चंद् रुपए दारू की बोतल आदि में उलझ कर रह जाएगी या अपने अधिकारों को समझेगी । अंधभक्ति भी कमाल की ताकत है ,आरक्षण एवं अधिकार किसे कहते हैं लोगों को समझाना बड़ा मुश्किल है ।
मुख्य संस्थानों पर अपर कास्ट का लगभग 85% कब्जा है। मुख्य तौर पर धर्म स्थल, मीडिया, लोकसभा, राज्यसभा, राज्यपाल, कैबिनेट सचिव, मंत्री सचिव, अतिरिक्त सचिव, पर्सनल सचिव, यूनिवर्सिटी टीम, वाइस चांसलर, सुप्रीम कोर्ट जज, हाई कोर्ट जज, भारतीय राजदूत, पब्लिक अंडरटेकिंग, केंद्रीय राज्य, बैंक, एयरलाइंस, आईएएस, आईपीएस, टीवी कलाकार, बॉलीवुड, सीबीआई,   कस्टम विभाग, एससी एसटी को 22% आरक्षण नौकरी एवं राजनीति में मिला है, बाकी क्षेत्रों में नहीं,, जनसंख्या आरक्षण 100% में,, एस सी 15% आरक्षण एसटी 7.5% आरक्षण ओबीसी 52% आरक्षण मिलता है। 27% अल्पसंख्यक 10.5% आरक्षण मिलता है 0% कुल संख्या 85% आरक्षण 49.5% जनरल कैटिगरी की संख्या 15% आरक्षण मिल रहा है । 50.5% वह कौन है जो हर वर्ष लगभग 9000 बेरोजगार आत्महत्या कर रहे हैं?
 Scct Obc अल्पसंख्यक, आदिवासी का सरकार बनाने में एवं देश की तरक्की में मुख्य रोल है । अधिकार न के बराबर ओबीसी का 27.5% आरक्षण में ऊपर से क्रीमीलेयर का आर्थिक आधार लगाकर सिर्फ 4.1% ही भरा हुआ है। कुछ चंद Scst ,Obc आदिवासी बीजेपी सरकार में शामिल केवल रबर स्टैंप की तरह इस्तेमाल हो रहे हैं ।
अब सवाल है जाति धर्म, गोत्र, हिंदुस्तान, पाकिस्तान,  हिंदू मुसलमान, मंदिर  ,मस्जिद ,धर्म ग्रंथ, झूठे इतिहास,, यह मुद्दे हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। जनता अपने असल अधिकारों को भूलकर खुद बर्बादी की तरफ जा रही है। हंगर इंडेक्स रिपोर्ट  अनुसार 120 देशो  में  भारत गरीबी में 107 वे स्थान पर  है। 2014 से पहले भारत पर कर्ज लगभग रु 55 लाख करोड़, 2023 में कर्ज बढ़कर रु 205 लाख करोड़ एवं लगभग रु 12 लाख करोड  कर्ज का ब्याज हर वर्ष दिया जा रहा है। 142 करोड़ की जनसंख्या प्रत्येक हेड पर रु 140000  कर्ज   गहनता से शोध किया जाए तो यह कर्ज कहीं ज्यादा हो सकता है । ईवीएम  एवं गोदी मीडिया का कमाल साफ नजर आ रहा है।
 लगभग 60% सरकारी संस्थाओं का प्राइवेटी करण कर दिया गया है। बुद्धिजीवियों द्वारा बताया जा रहा है बीजेपी सबसे अमीर पार्टी है, जिसका कोश लगभग रु 6000 करोड है । लगभग 500 आलीशान कार्यालय बीजेपी ने देश में बना लिए हैं, दिल्ली बीजेपी के कार्यालय में अरबो रुपए लगे हैं। बीजेपी के विधायक सांसदों के गोद लिए गांव गोद में ही रह गए।
छात्र-छात्राओं की शिक्षित सामग्री, दूध , गंगाजल, कफन का कपड़ा अमृत जैसी वस्तुओं पर भी टैक्स लगा दिया। लगभग 95% वस्तुओं पर टैक्स है और ज्यादातर आवश्यक वस्तुएं दुगनी  से भी ज्यादा महंगी  हुई है ,जिसमें शिक्षा, चिकित्सा, महंगाई एवं नियम से सबसे टॉप पर हैं  । चालाक इंसान अमीर से और भी अमीर हो रहा है। गरीब ,गरीब हो रहा है। अनजान  मुर्ख इंसान अंधभक्ति  में खो गया, आने वाली पीढियां के लिए बर्बादी के बीज बो रहा है ।आपसी भाईचारा मानवता अलोप होती जा रही है । देश में सबसे ज्यादा अपमानित अन्नदाता ,महिला ,अनजान इंसान एवं आवारा पशु हो रहा है । लगभग 40% किसान खेती छोड़ने पर मजबूर है। लगभग 25% किसान खेती छोड़ चुका है। किसान के माल की उचित कीमत नहीं मिलने के कारण हर वर्ष लगभग 15 लाख करोड रुपए का किसान नुकसान झेल रहा है  ।  अन्नदाताओं की आय दुगनी की बजाए आधी रह गई । ऊपर से पशुओं एवं किसानों को एक दूसरे का दुश्मन बनकर खड़ा कर दिया । लगभग 11000 किसान हर वर्ष आत्महत्या कर रहे हैं।
रोजगार और अधिकार मांगने  पर जुमले एवं लाठी कानून का चाबुक मिलता है । बुलडोजर नीति ने लाखों घर परिवार उजाड़ दिए, केवल बीजेपी वाले देशभक्त जायज हक सच की  आवाज उठाने वाले देशद्रोही 150 सांसदों को संसद से बाहर निकाल कर चुनाव आयोग को सर्वोपरि बना दिया । ड्राइवर कानून देश में लगभग 30 करोड़ ड्राइवर एक्सीडेंट होने पर 10 साल की सजा एवं लगभग 5 लाख का जुर्माना जिंदगी एवं परिवार सभी को प्यारे हैं ,कौन करेगा ड्राइविंग? नोटबंदी ,लॉकडाउन ,  Caa ,तीन कृषि बिल आदि के समय बर्बादी एवं दर्द भरी कहानियां याद कर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं । कानून ही हर समस्या का समाधान है ,तो देश में लगभग 5 करोड़ केस पेंडिंग हैं। पीड़ित को न्याय नहीं मिलता, दोषी छूट जाता है। कानून का दुरुपयोग बड़े स्तर पर होता है। भाई पड़ोसी, दुश्मन बन गए। यह  कैसी हवा चलाई? विपक्षी पार्टियों के नेताओं एवं जागरूक लोगों पर तानाशाही की मुहिम चलाई। अच्छे दिन के चक्कर में बर्बादी की नीति से  किस-किस पर तलवार चलाई ? ठोको नीति से किसी की जान माल की क्षति कब हो जाए ,अंदाजा लगाना मुश्किल है? कुछ मुर्ख औलादे, मां बाप को दुश्मन समझते  ऊपर वाले ने नहीं यह सोच बनाई ,अत्याचारी ,भ्रष्टाचारी बलात्कारी लोगों की बुद्धिहिनो ने जय जयकार लगाई ।
जय हिंद का नारा दुनिया में भारत तिरंगा प्यारा ,धरती पर मां-बाप से बड़ा नहीं कोई उजियारा।

लेखक:- चौधरी शौकत अली चेची,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सह प्रवक्ता भाकियू (पथिक) है।