प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2021 को लाल किले से अपने संबधोन में 14 अगस्त को भयावह विभाजन स्मृति दिवस मनाने की घोषणा की थी
विजन लाइव/ नई दिल्ली
 देश का विभाजन सबसे बुनियादी तौर पर मनुष्य के अभूतपूर्व विस्थापन और जबरन पलायन की कहानी है। एक ऐसी कहानी जिसमें लाखों लोगों को अनजान और प्रतिकूल स्थानों पर रहने के लिए एक नए घर की तलाश थी। आस्था और धर्म के आधार पर एक हिंसक विभाजन की कहानी से बढ़ कर यह इसकी भी कहानी है कि कैसे जीने के तौर-तरीके और भाइचारे के युग का अचानक अंत होता है और वह भी एक भयानक नाटक की तरह। विभाजन पीड़ित लाखों लोगों के दर्द और पीड़ा को दुनिया के सामने रखने और याद करने के लिए माननीय प्रधान मंत्री ने 15 अगस्त 2021 को लाल किले से अपने संबधोन में 14 अगस्त को भयावह विभाजन स्मृति दिवस मनाने की घोषणा की थी। आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान इस वर्ष हम स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष का जश्न मना रहे हैं। इस अवसर के लिए भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने विभाजन की पीड़ा दर्शाने के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन किया है। यह प्रदर्शनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोंरेशन लिमिटेड के 188 आउटलेट्स के साथ-साथ अन्य प्लेटफॉर्मों पर भी देखी जा सकती है। इसके तहत दिल्ली में ऑटो केयर सेंटर, नीति मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में 10 अगस्त 2022 को भयावह विभाजन स्मरण दिवस प्रदर्शनी का उद्घाटन नई दिल्ली नगर निगम परिषद के उपाध्यक्ष  सतीश उपाध्याय ने किया। विक्ट्री सर्विस स्टेशन शाहदरा में प्रदर्शनी का उद्घाटन पद्मश्री जितेंद्र सिंह शुंटी ने किया और पद्मश्री से सम्मानित और प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र कौल ने हेमकुंट सर्विस स्टेशन, जंगपुरा में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस अवसर पर बोलते हुए विभाजन की त्रासदी को याद किया और विभाजन की भयावहता  दिखाने के लिए एचपीसीएल और एमओपीएनजी की सराहना की।