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अखाड़ा शुरू किया तो लोगों ने उनका विरोध किया, लेकिन माता-पिता ने उन्हें सपोर्ट किया और अपने मजबूत इरादों के साथ कुश्ती के अखाड़े में उतर गई, जिसकी वजह से आज उन्होंने यह कामयाबी हासिल की है- बबीता नागर

विजन लाइव/ ऊंची दनकौर

 नीदरलैंड के रोटर डेन शहर में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली बबीता नागर का आज ऊंची दनकौर में  निवासी धर्मवीर सिंह के यहां पर जोर-शोर से स्वागत किया गया। बबीता नागर ने नीदरलैंड में 22 जुलाई से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय खेलों में यह बड़ी कामयाबी हासिल की है।  बबीता नागर ग्रेटर नोएडा के सदलापुर गांव की निवासी है एवं दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर है। गुडविल रियल्टर्स के चेयरमैन संजय नागर ने बताया कि बबीता नागर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी हुनर दिखा चुकी है। बबीता नागर ने 1999 में कुश्ती शुरू की और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया था।

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 उन्होंने अभी तक स्टेट नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर 30 से ज्यादा कुश्ती के मैच खेले हैं। बबीता नागर ने बताया कि अपने गांव में जब उन्होंने अखाड़ा शुरू किया तो लोगों ने उनका विरोध किया, लेकिन माता-पिता ने उन्हें सपोर्ट किया और अपने मजबूत इरादों के साथ कुश्ती के अखाड़े में उतर गई, जिसकी वजह से आज उन्होंने यह कामयाबी हासिल की है। भारतीय किसान यूनियन एकता के उपाध्यक्ष देशराज नागर  ने कहा कि  बबीता नागर की इस कामयाबी से न केवल गांव की लड़कियों को बल्कि बहुओं को भी प्रेरणा मिलेगी। गांव की कई महिलाओं ने बबीता नागर को फूलों की माला पहनाकर आशीर्वाद दिया। स्वागत समारोह में  सत्ते नागर, जयपाल , मास्टर हरिश्चंद, बृजेश  नागर, सचिव सुनील नागर, कृष्ण बैसला, ओमवीर नागर, राज सिंह प्रधान, अजय पाल नेताजी, धर्मपाल दरोगा जी आदि लोग मौजूद रहे।