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बेटे की चाहत में मारपीट का सिलसिला थम नही रहा था कि सामान और पैसों की मांग तक की जाने लगी

घरेलू हिंसा का मामला जिला अदालत में चल रहा है ऐसे में विपक्षियों द्वारा घर से निकालना कोर्ट की खुली अवहेलना भी हैःपीडिता नसीम जैदी

 मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर

घरेलू हिंसा का मामला गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय में विचाराधीन हैं। किंतु इन सबके बावजूद ससुराल पक्ष के हौंसले इतने बुलंद हो गए कि पीडिता को और उसकी दो बच्चियों के साथ से निकाल दिया गया। यह मामला नोएडा के थाना सेक्टर-58 का प्रकाश में आया हैं। पीडिता ट्यूशन पढा कर किसी तरह अपना व बच्चियों का पेट पाल रही है।  पीडिता ने अब जिलाधिकारी को पत्र लिख कर इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि पीड़िता नसीम जैदी की शादी 2011 में नोएडा सेक्टर 55 निवासी एक युवक से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद पहली बेटी हुई तो ससुराल पक्ष बेटे की चाहत में नाराज हो गए। 

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किंतु इस बीच समाज के इज्जतदार लोगों और रिश्तेदारों की मद्द से मामला सुलह तक पहुंचा। किंतु जब दूसरी बार भी बेटी ही पैदा हुई तो ससुरालियों का पारा फिर सातवें आसमान में पहुंच गयां। बेटा नहीं होने के चलते ससुराल पक्ष के लोग इतने नाराज हो गए कि पीड़िता से मारपीट की जाने लगी। यहां तक की पीडिता का एक बारगी तो मारपीट में हाथ टूट गया और दूसरी बार तेल डाल कर जलाने की कोशिश तक की गई। इस बार मामला पुलिस में गया फिर शांत हो गया। पीडिता नसीम जैदी ने बताया कि बेटे की चाहत में मारपीट का सिलसिला थम नही रहा था कि सामान और पैसों की मांग तक की जाने लगी। हद हो जाने पर पुनः पुलिस का दरवाजा खटखटाया गया। इस बार उम्मीद के मुताबिक पुलिस की ओर से जब कोई मद्द नही मिली तो कोर्ट से इंसाफ की गुहार लगाई गईं। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पति, नंद और जेठ के खिलाफ घरेलू हिंसा और देहज उत्पीडन का मामला दर्ज किया। गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय में यह मामला विचाराधीन हैं। गौरतलब यह भी है कि नसीम जैदी उसी मकान में रहती है जो उसके ससुर व जेठ के नाम है। ससुर की कुछ समय पहले की मौत हो चुकी है। जबकि जेठ जर्मनी में रहता है। मकान को बेचने के लिए वह नोएडा आया। बीते दिनों जब नसीम अपनी मां के घर चली गई तभी जेठ और पति ने साजिश कर मकान पर ताला लगाकर दबंग लोग बैठा दिए। पीडिता नसीम जैदी ने जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को लिखे पत्र मेंं अवगत कराया है कि जब से घेरलू हिंसा और दहेज उत्पीडन का मामला दर्ज किया गया है पति का कोई अता पता नही हैं।

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 इसी बीच जब वह मायके चली गई और मायके से वापस लौटी तो घर पर पहरा बैठा दिया गया हैं। विपक्षियों की ओर से बैठाए गए दंबग लोग उन्हें घर में घुसने नही दे रहे हैं, जब कि बच्चियों की ड्रेस, किताब, पैन पेंसिल और कॉपी जैसा सामान घर में ही रखा हुआ हैं। पीड़िता नसीम जैदी ने बताया कि पुलिस से शिकायत करने के बाद भी सेक्टर.58 पुलिस कोई सुनवाई नही कर रही बल्कि उसे ही जेल भेजने की धमकी दे रही है। घरेलू हिंसा का मामला जिला अदालत में चल रहा है ऐसे में विपक्षियों द्वारा घर से निकालना कोर्ट की खुली अवहेलना भी है। पीडिता ने जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर से मांग की है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नही हुई है और यही कारण है कि उन्हें जान व माल का खतरा बना हुआ हैं। इसलिए प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली सेक्टर-58, नोएडा को घटना के संबंध में उचित कानूनी कार्यवाही किए जाने हेतु और प्रार्थिया को अपने घर में दाखिल कराया जावे। उधर जिला प्रोबेशन अधिकारी की ओर से रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पीडिता और उसकी दो बच्चियों को ससुर के घर में आवासित करा संरक्षण हेतु उचित दिशा निर्देश प्रदान किए जावें।