विजन लाइव/ मेरठ 
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में संचालित एमएससी एप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी की सीटों की संख्या 20 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है। यह निर्णय मंगलवार को कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला  की अध्यक्षता में हुई विद्वत परिषद की बैठक में लिया गया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वाई विमला  के अनुसार आज माइक्रोबायोलॉजिस्ट की जरूरत के कई स्तरों पर है। कोरोना जैसी वैश्विक  महामारी से निजात पाने में भी माइक्रोबायोलॉजिस्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोर्स के सह समन्वयक डॉ लक्ष्मण नागर ने बताया कि एमएससी एप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी में छात्रों का रुझान अधिक रहता है । कोर्स  में अवसरों  को देखते हुए विभाग के आग्रह पर विश्वविद्यालय विद्वत परिषद ने यह निर्णय लिया है। डॉक्टर दिनेश पवार के अनुसार एमएससी एप्लाइड  माइक्रोबायोलॉजी के छात्र देश व विदेश में विभिन्न कंपनियों, शोध संस्थानों उच्च पदों पर आसीन है। डॉ प्रीति एवं डॉ अश्विनी शर्मा ने बताया कि  एमएससी एप्लाइड  माइक्रोबायोलॉजी एक रोजगार परक कोर्स है, जिसमें हर साल छात्र अपना सुनहरा भविष्य बनाते हैं। डॉ अजय शुक्ला, डॉक्टर पायल, डॉक्टर देवेंद्र कुमार  एवं विभाग के सभी शिक्षकों ने सीट बढ़ाने के लिए कुलपति  एवं समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।