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अक्सर वकील कानून के मंदिर यानी न्यायालय में इंसाफ दिलाने के लिए जद्दो जहद करते हुए दिखाई देते हैं। बात उत्तर प्रदेश की करें तो यहां के वकील साईकिल राईडिंग करते हुए लेह लद्दाख तक की सबसे उंची पहाडी खारडुंगला तक जा पहुंचे हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में वकालत करने वाले संजीव वर्मा एडवोकेट और राजीव गहलोत की।



मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/ग्रेटर नोएडा

-----------------------------------------कानून के मंदिर से निकल कर इस बार साईकिल लेह लद्दाख तक पहुंच चुकी है। अक्सर वकील कानून के मंदिर यानी न्यायालय में इंसाफ दिलाने के लिए जद्दो जहद करते हुए दिखाई देते हैं। बात उत्तर प्रदेश की करें तो यहां के वकील साईकिल राईडिंग करते हुए लेह लद्दाख तक की सबसे उंची पहाडी खारडुंगला तक जा पहुंचे हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में वकालत करने वाले संजीव वर्मा एडवोकेट और राजीव गहलोत की। संजीव वर्मा एडवोकेट गौतमबुद्धनगर दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पूर्व बार अध्यक्ष संजीव वर्मा एडवोकेट और उनके साथी राजीव गहलोत को साईकिल चलाने का शौक कोविड-19 में लॉकडाउन के चलते हुए चढा। वर्ष-2020 में कोविड-19 के लॉकडाउन के चलते हुए साईकिल समय पास करने और फिट रहने की गरज से शुरू की थी ,मगर यह क्या कि साईकिल चलाने में मन रमता ही चला गया और बन गए एक सफल साईकिल राईडर। कई बार देखा जाता है कि यह दोनों ही घर से कचहरी तक साईकिल से ही पहुंचते हैं। इस बार संजीव वर्मा एडवोकेट और राजीव गहलोत ने गौतमबुद्धनगर के ग्रेटर नोएडा शहर से साईकिल यात्रा जून माह की तपती हुई दुपहरी में शुरू की और 15 जून-2022 को लेह लद्दाख की सबसे उंची पहाडी खारडुगंला पर पहुंच गए।


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 इससे पहले गौतमबुद्धनगर के यह साईकिल राईडर ग्रेटर नोएडा से गोवा तक की सबसे लंबी दूरी की साईकिल यात्रा दिसंबर-2021 माह में पूरी कर चुके हैं। उस समय यह साईकिल यात्रा दिनांक 12-12-2021 को  ग्रेटर नोएडा से प्रारम्भ की और 17 दिन बाद गोवा में जाकर संपन्न हुई थी। इस दौरान मानेसर, बावल, हरियाणा, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर- राजस्थान,अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत-0 गुजरात, नवी मुंबई, पनवेल, कासिद बीच, केलसी बीच,  वेलेंगवेसवर, एडिक्वरे, कोरस- महाराष्ट्र, कोंकण समुंदर हाईवे से गुज़रते हुए गोवा में साईकिल यात्रा समाप्त की। किंतु इस बार गौतमबुद्धनगर दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिशन के पूर्व अध्यक्ष संजीव वर्मा एडवोकेट और उनके साथी राजीव गहलोत ने गत 3 जून-2022 को ग्रेटर नोएडा से यह साईकिल यात्रा शुरू की। 3 जून-2022 की सुबह के 5.30 बजे थे कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर जीटा-1 की एस प्लेटिनम सोसायटी से संजीव वर्मा एडवोकेट और साथी राजीव गहलोत साईकिल पर सवार हुए और फिर रूख किया लेह लद्दाख की ओर। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर जीटा-1 से इन साईकिल यात्रियों को रवाना करने वालों में ग्रेटर नोएडा साईकिल क्लब के करीब 27 सदस्य जिनमें महिलाएं भी थीं साईकिल पर सवार हुए और फिर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे तक पहुंचे। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे से लेह लद्दाख तक साईकिल चलती चली गई, कई जगह दुर्गम रास्ते और पहाडियां आईं मगर साईकिल राईडरों ने लेह लद्दाख की सबसे उंची पहाडी खारडुंगला पर चढ कर ही दम लिया और गौतमबुद्धनगर ही नही बल्कि उत्तर प्रदेश का भी नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित कर दिखाया।  उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर से रास्ते में सोनीपत, घरौंदा पानीपत, अंबाला, खर्रर फिर कीरतपुर साहिब जहां करीब 22 गुरूद्वारों का संगम स्थल है वहां दर्शन किए, कीरतपुर साहिब से कुल्लू मनाली पहाडियों से गुजरते हुए डोंग सुंदर नगर हिमाचल पहुंच गए। डोंग सुंदर नगर से बिलासपुर, मंडी और फिर भुंतर एयपोर्ट के पास रत्रि विश्राम किया। इसके बाद अटल टनल पार करते हुए दुर्गम पहाडियों से होते हुए लाहौल, टांडी मिल्ंट्री कैंप, पेटसीओ,सरचु,रूमतसे,उपसी, लेह होते हुए सिंधु नदी के किनारे लेह लद्दाख की सबसे उंची खारडुंगला की पहाडी पर पहुंचे। इस तरह से ग्रेटर नोएडा से लेह लद्दाख तक 1044 किमी का यह सफर 15 जून-2022 को पूरा कर गौतमबुद्धनगर का नाम रोशन कर दिखाया। कानून के पेशे से निकल कर साईकिल राईडर बने संजीव वर्मा एडवोकेट ने बताया कि ग्रेटर नोएडा से गोवा तक की दूरी करीब 2280 किमी है और वहीं ग्रेटर नोएडा से लेह लद्दाख खारडुगला की दूरी महज 1044 किमी है। गोवा की साईकिल यात्रा के अपेक्षा उन्हें लद्दाख की साईकिल यात्रा में कई तरह की चुनौतियां आईं। उन्होंने बताया कि लद्दाख यात्रा में पहाडियों में घुमावदार रास्ते जो चोटी तक पहुंच कर दम लेते थे, बडा जोखिम रहता था। वहीं पर्वतीय इलाकों में 12 हजार फीट की उंचाई तक ही सिर्फ वनस्पति दिखाई देती थी उसके उपर तो बर्फीले रेगिस्तान ही मिलते थे, ऑक्सीजन की भी दिक्कत थी। उन्होंने बताया कि मनाली से लेह का सफर मशहूर साईकिल राईडर कर्नल गुरूचरण बिरदी के साथ पूरा किया। अब यहां से दूर दूर तक न कोई शहर दिखाई पडता था और न ही कोई गांव। सिर्फ बर्फीले रेगिस्तान थे। कर्नल गुरूचरण बिरदी का बेटा अंगद बिरदी विपरीत परिस्थ्तियों में साईकिल यात्रा को सुगम बनाने के लिए दवाई और खानपान की पूरी मद्द करता रहा। कई ऐसे लोग मिले जो अधिक सर्दी की वजह से बीमार हो गए कर्नल साहब के बेटे ने दवाई आदि जरूरी सेवाएं दें,उनकी पूरी मद्द की। 

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अंगद बिरदी अपनी कार में दवा, खाना, पानी जरूरी चीजे लेकर साथ साथ चल रहा था जब हम तीनों साईकिल पर सवार हुए पर्वत श्रंखलाओं को पार करते हुए चले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्धनगर से लेह लद्दाख तक 1044 किमी की इस साईकिल यात्रा को तीनों साईकिल यात्रियों( संजीव वर्मा एडवोकेट, राजीव गहलोत एडवोकेट और कनर्ल गुरूचरण बिरदी) ने स्व. कर्नल संजय धवन को समर्पित किया है। उन्होंने बताया कि पिछली साल इस साईकिल यात्रा को कर्नल संजय धवन पूरा करना चाहते थे, मगर साईकिल यात्रा करते हुए रोड एक्सीडेंट में उनकी दुखद मौत हो गई  और इस साईकिल यात्रा का उनका सपना अधूरा रह गया। सवाल के जवाब में साईकिल राईडर विनर संजीव वर्मा एडवोकेट ने बताया कि अब तक 72 बार 100  किलोमीटर और 200 किलोमीटर 6 बार, एक बार 300 किलोमीटर बीआरएम  और एक बार 400 बीआरएम कर चुके है, उन्होंने  साल-2020 लॉकडाउन से साइक्लिंग शुरू की थी और अपनी पहली 50 किलोमीटर, 100 किलोमीटर एवं 200 किलोमीटर अपने छोटे पुत्र भी विभु तंवर और राजीव गहलोत एडवोकेट,अविश भाटी एडवोकेट के साथ की थी, फिर बाद में मार्च माह से जीएनसीसी यानी  ग्रेटर नोएडा साइक्लिंग क्लब के साथ जुड़ गए और साइक्लिंग में  नये नये साईकिल प्रोग्राम शुरू हो गए। 


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 राजीव गहलोत एडवोकेट इससे पूर्व 200 दो बार और 400 सौ किलोमीटर बीआरएम  कर चुके हैं। ग्रेटर नोएडा से गोवा का अकेले जाने का प्लान था तो फिर बाद में वह दोनो ही( संजीव वर्मा एडवोकेट और राजीव गहलोत एडवोकेट ) साईकिल यात्रा पर 12 दिसंबर-2021 की तारीख़ को निकल गए और यह साइकिल यात्रा गोवा में जाकर 28 दिसंबर.2021 को  संपन्न हुई थी।